बड़ा राजनीतिक कदम: अर्पित केसरवानी की दीपक बैज और चरणदास महंत से जल्द मुलाकात
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्थित नारायणा ई-टेक्नो स्कूल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने स्कूल प्रबंधन पर वित्तीय अनियमितता, प्रशासनिक गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
NSUI के प्रदेश महासचिव अर्पित केसरवानी ने संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा विभाग बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
क्या हैं आरोप?
ज्ञापन के अनुसार स्कूल प्रबंधन पर कई गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं—
- लीज पर स्कूल संचालन – भवनों को लीज पर चलाकर नियमों की अनदेखी
- प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी – स्थानीय स्तर पर अधिकृत प्रतिनिधि या जिम्मेदार अधिकारी का अभाव
- वित्तीय गड़बड़ी – अभिभावकों से ली गई फीस का सीधे केंद्रीय खातों में ट्रांसफर
- PF/ESIC में लापरवाही – कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा नियमों का पालन नहीं
- स्थानीय समिति में गड़बड़ी – स्वतंत्र सदस्यों की जगह कर्मचारियों को ही जिम्मेदारी
NSUI की मांग
NSUI ने प्रशासन से साफ तौर पर कहा है—
- सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन और KYC जांच हो
- PF/ESIC नियमों की पुष्टि की जाए
- दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
चेतावनी भी दी
NSUI ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन छात्रहित में बड़ा आंदोलन करेगा।
अब बड़ा राजनीतिक कदम
इस पूरे मामले को लेकर NSUI प्रदेश महासचिव अर्पित केसरवानी जल्द ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत से मुलाकात करेंगे।
इस मुलाकात में पूरे प्रकरण की जानकारी देकर राज्य स्तर पर जांच और कार्रवाई की मांग की जाएगी।
NSUI नेताओं का बयान
प्रदेश महासचिव अर्पित केसरवानी और पूर्व प्रदेश सचिव शोहराब खान ने कहा कि—
“छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी होगी।”
खास बात
यह मामला सिर्फ एक स्कूल का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर रहा है। अगर जांच होती है तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।















