बिलासपुर, 23 अप्रैल 2026।
नेहरू नगर स्थित Narayana e-Techno School एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार NSUI ने सीधे मोर्चा खोल दिया है। गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी के आरोपों के साथ संगठन ने मामला मंत्रालय तक पहुंचा दिया है।
पूर्व प्रदेश सचिव सोहराब खान, जिला उपाध्यक्ष गौरव सिंह परिहार और शान सिंह ठाकुर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने लोक शिक्षण विभाग के सचिव और संचालक को सबूतों से भरा ज्ञापन सौंपा। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने भी मामले को गंभीर मानते हुए जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
क्या हैं बड़े आरोप?
लीज पर स्कूल, जिम्मेदार कौन?
स्कूल का संचालन किराए/लीज के भवनों में—स्थायित्व और जवाबदेही दोनों पर सवाल।
नियमों की खुली अनदेखी
शिक्षा नियमों और Madhya Pradesh Societies Registration Act, 1973 के प्रावधानों की अनदेखी का आरोप।
फीस का खेल?
स्थानीय बैंक खाता तक नहीं—अभिभावकों की फीस सीधे “सेंट्रल अकाउंट” में ट्रांसफर! बड़ा वित्तीय खेल होने की आशंका।
अपने ही लोग, अपना ही कंट्रोल
कार्यकारिणी में स्वतंत्र सदस्य नहीं—ज्यादातर वेतनभोगी कर्मचारी, निष्पक्ष निगरानी पर सवाल।
NSUI की दो टूक चेतावनी
प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी ने साफ कहा—
“यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र हित में उग्र आंदोलन होगा।”
साथ ही मांग रखी गई
- कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन (KYC)
- PF/ESIC जांच
- दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई
बड़ा सवाल
– क्या बच्चों की पढ़ाई के नाम पर चल रहा है फाइनेंशियल गेम?
– क्या प्रशासन करेगा सख्त एक्शन या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा?
अब नजरें प्रशासन पर—कार्रवाई होगी या सिर्फ आश्वासन?















