बिरला ओपन माइंड व्यापार विहार पर बड़ा सवाल: मोपका के एफिलिएशन कोड से चल रहा खेल!

सुशासन त्योहार चल रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या बिलासपुर कलेक्टर इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही की मिसाल पेश करेंगे? क्या विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड, मान्यता दस्तावेजों और जांच प्रतिवेदन की स्वतंत्र जांच कराई जाएगी, ताकि अभिभावकों के मन में उठ रहे सभी संदेह दूर हो सकें?”

शिकायतकर्ता को बताए बिना हुई जांच? अब सवालों के घेरे में जांच दल (एम.एल. पटेल, सुनीता ध्रुव)की कार्यप्रणाली

एम.एल. पटेल और सुनीता ध्रुव की रिपोर्ट पर उठे सवाल, क्या एकतरफा जांच से दी गई क्लीन चिट?

प्रोग्रेस रिपोर्ट ने खोली पोल! मान्यता राज्य की, प्रचार सीबीएसई का

जांच दल की क्लीन चिट पर उठे सवाल, रिपोर्ट कार्ड बना सबसे बड़ा सबूत

 

Table of Contents

बिलासपुर। व्यापार विहार स्थित बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय के विद्यार्थियों को जारी प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड में अंकित सीबीएसई संबद्धता कोड 33330502 ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।

विद्यालय के दस्तावेजों के अनुसार व्यापार विहार शाखा को जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर द्वारा केवल नर्सरी से कक्षा 5वीं तक संचालन हेतु अनंतिम मान्यता प्रदान की गई है। पत्र क्रमांक 2353/मान्यता/2023-24 दिनांक 05 मार्च 2024 के तहत विद्यालय को 23 दिसंबर 2023 से 23 दिसंबर 2026 तक तीन वर्षों के लिए मान्यता दी गई है। यह मान्यता राज्य शिक्षा विभाग के अधीन है, न कि सीबीएसई की।

यही वह बिंदु है जहां सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है। यदि विद्यालय को स्वतंत्र सीबीएसई संबद्धता प्राप्त नहीं है, तो विद्यार्थियों के प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड पर सीबीएसई एफिलिएशन कोड क्यों मुद्रित किया गया?

जानकारों का कहना है कि सीबीएसई संबद्धता और राज्य शासन की मान्यता दो अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं। सीबीएसई संबद्धता उपविधियों (CBSE Affiliation Bye-Laws) के अनुसार कोई भी विद्यालय स्वयं को सीबीएसई से संबद्ध तभी प्रदर्शित कर सकता है जब उसे बोर्ड द्वारा विधिवत संबद्धता प्रदान की गई हो। किसी अन्य परिसर अथवा शाखा की संबद्धता का उपयोग कर विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न करना गंभीर प्रश्नों को जन्म देता है।

मामले को और भी विवादास्पद इसलिए माना जा रहा है क्योंकि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित जांच समिति ने 29 मई 2026 को प्रस्तुत अपने संयुक्त प्रतिवेदन में विद्यालय के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोपों को “अप्रमाणित” बताते हुए क्लीन चिट दे दी। जांच अधिकारी एम.एल. पटेल एवं सुनीता ध्रुव ने अपनी रिपोर्ट में व्यापार विहार शाखा के संचालन को वैध बताया है।

लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या जांच समिति ने विद्यार्थियों को जारी प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्डों का सही परीक्षण किया था? यदि किया था तो रिपोर्ट कार्ड में अंकित सीबीएसई संबद्धता कोड पर कोई टिप्पणी क्यों नहीं की गई? और यदि नहीं किया था तो फिर जांच कितनी व्यापक और निष्पक्ष थी?

अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय राज्य मान्यता के बावजूद निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदने के लिए दबाव बनाता है। वहीं फीस संरचना में विभिन्न मदों के नाम पर अलग-अलग शुल्क वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय (स्थापना एवं विनियमन) से जुड़े प्रावधानों के अनुसार फीस और अन्य शुल्कों में पारदर्शिता बनाए रखना विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि यदि व्यापार विहार शाखा केवल प्राथमिक स्तर तक मान्यता प्राप्त विद्यालय है, तो फिर विद्यालय द्वारा स्वयं को “इंटरनेशनल” और “सीनियर सेकेंडरी” स्तर की शैक्षणिक पहचान के साथ प्रस्तुत करने की वास्तविक स्थिति क्या है? क्या अभिभावकों को विद्यालय की मान्यता और संबद्धता की पूरी जानकारी दी जा रही है?

जिला प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित विभागों के लिए अब यह मामला केवल एक शिकायत नहीं रह गया है। विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड पर अंकित विवरण स्वयं जांच का विषय बन चुके हैं। बिलासपुर के जागरूक अभिभावकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि स्थापना वर्ष से विशेषकर वर्ष 2024-25 में जारी सभी प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्डों की पृथक से जांच कराई जाए तथा स्कूल प्रबंधन की गफलत बाजी में साथ देने वाले जांच दल के सदस्यों से यह स्पष्ट कराया जाए कि रिपोर्ट कार्ड में अंकित संबद्धता संबंधी तथ्यों को किस आधार पर नजरअंदाज किया गया।

यदि दस्तावेजों और वास्तविक मान्यता की स्थिति में कोई विरोधाभास पाया जाता है, तो केवल विद्यालय प्रबंधन ही नहीं बल्कि जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। क्योंकि शिक्षा के नाम पर यदि भ्रम फैल रहा है, तो यह केवल नियमों का नहीं बल्कि अभिभावकों के विश्वास का भी प्रश्न है।रिपोर्ट कार्ड झूठ नहीं बोलते। यदि व्यापार विहार शाखा राज्य शासन की प्राथमिक मान्यता पर संचालित है, तो सीबीएसई संबद्धता कोड का उपयोग किस अधिकार से किया गया? अब इस सवाल का जवाब जांच रिपोर्ट नहीं, बल्कि दस्तावेज और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगी।

विद्यालय की करतूतों की जानकारी प्रमाण के साथ सीबीएसई और केंद्रीय मंत्रालय को भेजी जा रही है, जिसमें स्थानीय प्रबंधन के द्वारा सीबीएसई के नाम पर स्कूल की संबद्धता लेकर व्यापार विहार में फर्जी संचालन किया जा रहा है।

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

    Related Posts

    छत्तीसगढ़ से हरिद्वार तक बजा छत्तीसगढ़ी मान का डंका: डॉ. विनय कुमार पाठक फिर संभालेंगे थावे विद्यापीठ की कमान, 13 नवंबर को ‘न्यूज हब इनसाइट केयर फाउंडेशन’ के मंच पर सजेगा भव्य दरबार!

    रीपीट हुई इतिहास की पुनरावृत्ति! डॉ. विनय कुमार पाठक फिर बने थावे विद्यापीठ के कुलपति, 13 नवंबर को NHICF करेगा भव्य अभिनंदन! शिक्षा जगत के शिखर पुरुष: डॉ. विनय कुमार पाठक को मिला दूसरा कार्यकाल, 13 नवंबर को ‘न्यूज हब इनसाइट’ के राष्ट्रीय मंच पर होगा ऐतिहासिक महा-सम्मान! बिलासपुर: हरिद्वार की पावन भूमि पर आयोजित थावे विद्यापीठ के भव्य अधिवेशन से एक ऐसी गूंज उठी है, जिसने छत्तीसगढ़ के माथे पर गौरव का एक और नया तिलक लगा दिया है। छत्तीसगढ़ के माटी के लाल, देश…

    Continue reading
    ताल, लय और जादू: महर्षि विद्या मंदिर की राष्ट्रीय तबला प्रतियोगिता में मास्टर आरव भुरंगी ने गाड़े झंडे, हासिल किया प्रथम स्थान!

    जब तबले पर थिरकीं उंगलियां, तो गूंज उठा राष्ट्रीय मंच: बिलासपुर के साधक आरव भुरंगी ने रचा संगीतमय इतिहास! प्रतिभा का मान, बिलासपुर की शान: 13 नवंबर को ‘न्यूज़ हब इनसाइट केयर फाउंडेशन’ करेगा राष्ट्रीय तबला विजेता आरव का भव्य अभिनंदन! बिलासपुर | भारतीय संगीत जगत से एक बेहद गर्व और उत्साह से भर देने वाली खबर सामने आई है। महर्षि विद्या मंदिर द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की संस्कृति प्रतियोगिता (तबला विधा) में मास्टर आरव रुपेश भुरंगी ने अपनी जादुई उंगलियों और असाधारण प्रतिभा का…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *