10 वर्षों से शब्दों का सेतु बना ‘उत्कल बिलास’, एक मंच पर गूंजी हिंदी, ओड़िआ, छत्तीसगढ़ी और अंग्रेजी की साहित्यिक स्वरधारा
बिलासपुर। साहित्य जब भाषाओं की सीमाएं तोड़कर समाज को जोड़ने का माध्यम बन जाए, तब उसका महत्व और बढ़ जाता है। इसी भावना को साकार करते हुए उत्कल विलास साहित्य संसद (मध्य क्षेत्र) द्वारा ‘उत्कल बिलास’ साहित्यिक पत्रिका के 10वें अंक का भव्य विमोचन श्री जगन्नाथ मंदिर प्रांगण, रेलवे क्षेत्र में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में साहित्य, न्याय, शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक (पूर्व अध्यक्ष,…









