गुरु पूर्णिमा : किन्नर समुदाय में गुरु की अज़मत, अकीदत, मुहब्बत और रूहानी रहनुमाई का मुक़द्दस रिश्ता
डॉ. शगुफ्ता परवीन – सुरेंद्र वर्मा, बिलासपुर आज जब किन्नर समुदाय मुख्यधारा में अपनी सशक्त पहचान बना रहा है, तब गुरु पूर्णिमा का पर्व केवल परंपरा निभाने का अवसर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को सशक्त बनाने, शिक्षा से जोड़ने और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने का भी माध्यम है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि गुरु वह दीपक है, जो अंधकार में मार्ग दिखाता है और शिष्य वह पुष्प है, जो गुरु की छत्रछाया में खिलता और महकता है। गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर…









