उन माताओं को इस्तकबालिया सलाम, जो अपने स्पेशल चाइल्ड की परवरिश में पिता का भी किरदार निभा रही हैं…
फादर्स डे पर खास पेशकश (डॉ. शगुफ्ता परवीन – सुरेंद्र वर्मा, बिलासपुर) फादर्स डे के मौके पर उन माताओं को खिराज-ए-अकीदत से नवाजना इत्तेफाक ही है, जो पिता के जिंदा होने के बावजूद उनकी गैरमौजूदगी में बच्चों के लिए मां और बाप दोनों का किरदार निभा रही हैं। गुजिश्ता हफ्ते राज्य की बड़ी अदालत से एक अधेड़ पिता की वह याचिका खारिज हो गई, जिसमें उन्होंने विशेष आवश्यकता वाली अपनी ग्यारह वर्षीय बेटी की अभिरक्षा मां से लेकर उन्हें सौंपने की गुहार लगाई थी। जाहिर है…









