होटल ग्रैंड अम्बा में 45 मिनट देरी से शुरू हुई अरुण साव की प्रेस कॉन्फ्रेंस: 12 और 22 राज्यों में उलझा NDA का गणित, स्मार्ट सिटी के सवाल पर सन्नाटा

जब मंच पर चल रहा था विकास का बखान, तब झपकी लेते नजर आए धरमलाल कौशिक

बिलासपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियां गिनाने के लिए आयोजित भाजपा की प्रेस वार्ता कई कारणों से चर्चा में रही। निर्धारित समय दोपहर 12 बजे का था, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करीब 12:45 बजे शुरू हुई। मंच पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

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कार्यक्रम के दौरान उपलब्धियों का लंबा ब्योरा दिया गया, लेकिन पत्रकारों के कुछ सवालों ने माहौल को दिलचस्प बना दिया।

NDA 12 राज्यों में या 22 में?

प्रेस वार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि “एनडीए की सरकार 12 राज्यों में है।” उनके बगल में बैठे धरमलाल कौशिक ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कहा कि “12 नहीं, 22 राज्यों में।” इसके बाद साव ने अपनी बात को सुधारा। मंच पर हुई यह “फैक्ट चेकिंग” पत्रकारों के बीच चर्चा का विषय बन गई।

समग्र शिक्षा कर्मचारियों की सैलरी पर दो अलग-अलग जवाब

एक पत्रकार ने सवाल किया कि समग्र शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है, आखिर सरकार कब भुगतान करेगी?

इस सवाल पर उपमुख्यमंत्री का पहला जवाब था कि “व्यवस्था डिजिटल हो रही है, इसलिए देरी हो सकती है।”

लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने यह भी कहा कि “वेतन तो हर महीने दिया जा रहा है।”

एक ही सवाल पर आए इन दो अलग-अलग जवाबों ने उपस्थित लोगों को असमंजस में डाल दिया कि आखिर वास्तविक स्थिति क्या है — वेतन रुका हुआ है या नियमित जारी है?

NEET पेपर लीक पर बोले – इतना बड़ा देश है, एकाध जगह हो जाता है

नीट परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में अरुण साव ने कहा कि देशभर में इतनी सारी परीक्षाएं होती हैं, एकाध जगह ऐसी घटना हो जाती है। हालांकि ऐसा होना नहीं चाहिए और इस पर कार्रवाई की जा रही है।

उनके इस जवाब पर भी कई पत्रकारों ने बाद में आपस में चर्चा की कि देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक में हुई गड़बड़ी को “एकाध घटना” कहकर कितना हल्के में लिया जा सकता है।

100 स्मार्ट सिटी का सवाल आया, जवाब नहीं आया

प्रेस वार्ता का सबसे असहज पल तब आया जब एक पत्रकार ने पूछा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में घोषित 100 स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में एक भी शहर पूरी तरह स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित क्यों नहीं हो पाया?

बताया जाता है कि इस सवाल पर मंच से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया और चर्चा दूसरे विषयों की ओर बढ़ गई।

मंच पर झपकी भी बनी चर्चा

कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठे धरमलाल कौशिक कुछ समय के लिए झपकी लेते हुए भी दिखाई दिए। प्रेस वार्ता खत्म होने के बाद यह दृश्य भी मीडिया गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा।

उपलब्धियों की लंबी सूची, सवालों की छोटी खामोशी

भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, जनधन, मुद्रा, पीएम किसान, विश्वकर्मा और आधारभूत संरचना विकास जैसी योजनाओं की उपलब्धियां गिनाईं। लेकिन प्रेस वार्ता के अंत में चर्चा उपलब्धियों से ज्यादा उन सवालों पर होती रही जिनके जवाब अधूरे, विरोधाभासी या गायब नजर आए।

ग्रैंड अंबा होटल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी सरकार के 12 साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया, लेकिन सुर्खियां उपलब्धियों से ज्यादा तीन बातों ने बटोरीं— NDA के राज्यों की संख्या पर मंच से हुआ करेक्शन, सैलरी पर दो अलग-अलग जवाब और स्मार्ट सिटी के सवाल पर छाया सन्नाटा। राजनीति में कभी-कभी सवाल छोटे होते हैं, लेकिन जवाब ही पूरी खबर बना देते हैं।

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