बिलासपुर / छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के पावन अवसर पर बिलासपुर में आयोजित भव्य राज्योत्सव समारोह सांस्कृतिक छटा से सराबोर नजर आया। इस गरिमामयी मंच पर राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और युवा प्रतिभाओं ने एक ऐसा समां बांधा कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम में अपनी कला का जादू बिखेरने वाले नन्हे और युवा कलाकारों ने अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों से हर किसी को अचंभित कर दिया।
- लोक गायिका वंदना साहू: अपनी सुमधुर और जादुई आवाज के लिए पहचानी जाने वाली 14 वर्षीय प्रतिभाशाली लोक गायिका वंदना साहू ने अपनी पूरी टीम के साथ मंच पर छत्तीसगढ़ी लोकगीतों और पारंपरिक धुनों की ऐसी बौछार की कि पूरा माहौल छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंग गया। उनके गायन ने कार्यक्रम की गरिमा और शोभा को कई गुना बढ़ा दिया।
तनिष्क वर्मा का अद्भुत कारनामा: एक साथ बजाए 4 वाद्य यंत्र
इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण और चर्चा का केंद्र रहे मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में राष्ट्रीय पहचान बना चुके बहुमुखी प्रतिभा के धनी तनिष्क वर्मा (जो छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड गौरव सम्मान से सम्मानित हैं)। तनिष्क ने जब मंच पर एक साथ चार अलग-अलग वाद्य यंत्रों को स्वयं बजाते हुए अपनी प्रस्तुति दी, तो दर्शक दीर्घा में बैठे लोग हैरान रह गए। इतनी कम उम्र में ऐसा कला कौशल और परिपक्वता वाकई अकल्पनीय है, जिसने पूरे समारोह में चार चांद लगा दिए।
8 वर्षीया मयंशी खंडेलवाल: अपनी नन्ही उम्र में शास्त्रीय व सुगम संगीत में गहरी पकड़ रखने वाली महज 8 वर्ष की बाल गायिका मयंशी खंडेलवाल ने अपनी सुंदर प्रस्तुति से श्रोताओं के दिलों को छू लिया।
संस्कृति और कला का संगम
छत्तीसगढ़ के इस भव्य राज्योत्सव में इन नगीनों जैसी युवा प्रतिभाओं ने यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की माटी में कला और संगीत कूट-कूट कर भरा है। इन बच्चों और कलाकारों की धारदार व ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने बिलासपुर के इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया, जिसकी चर्चा शहरभर में हो रही है।