बिलासपुर। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को सागा ले-आउट स्थित शुभम विहार के ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान भोलेनाथ का भव्य रुद्राभिषेक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना की।

मंदिर के संस्थापक, संरक्षक अध्यक्ष एवं लोक संचेतना फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष आई.एस.एस. डॉ. रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने रुद्राभिषेक के उपरांत कहा कि श्रावण मास प्रकृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम है। इस पावन माह में भगवान शिव की आराधना अत्यंत सहज, सरल एवं शीघ्र फलदायी होती है। उन्होंने कहा कि जब प्रकृति अपनी पूर्ण चेतना और ऊर्जा के साथ अभिव्यक्त होती है, तब शिव साधना का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि ओंकारेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग सोमनाथी शैली में स्थापित है, जिससे इस मंदिर का आध्यात्मिक एवं साधनात्मक महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिव्य ज्योतिर्लिंग के समक्ष श्रद्धा एवं एकाग्रता से की गई साधना मनुष्य के भीतर की नकारात्मक एवं राक्षसी प्रवृत्तियों का शमन कर उसे सकारात्मक ऊर्जा, आत्मबल और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करती है।
पूजन समिति के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने श्रावण मास की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं से नियमित शिव आराधना का आह्वान किया। मंदिर के कोषाध्यक्ष शंकर गेंदले ने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर समाजसेवी शैलेन्द्र सिंह कछवाहा, प्रदीप शर्मा, मोहन शर्मा, निशांत श्रीवास्तव, राज सिंह कछवाहा, मानस मर्मज्ञ विष्णु कुमार तिवारी, दिलीप मरकाम, शुभम मिश्रा, श्रीमती ऊषा श्रीवास्तव, सोनिया गेंदले, विमला मिश्रा, नीलिमा गेंदले, शालू गेंदले, शकुन्तला पगोडे, प्राची, अर्चना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।







