डॉ. विनय कुमार पाठक बोले—श्रावण में शिव-शक्ति की साधना विशेष फलदायी, ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. अर्चना मिश्रा ने सराहा मंदिर का स्थापत्य
बिलासपुर। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को सागा ले-आउट स्थित शुभम् विहार के ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में विधि-विधान से भगवान शिव का भव्य रुद्राभिषेक एवं हवन संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।
इस अवसर पर थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) के कुलपति एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि श्रावण मास में शिव और शक्ति की साधना साधक के लिए विशेष महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि यदि श्रद्धालु इस पावन मास में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक करते हैं तो यह विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
रुद्राभिषेक के पश्चात ज्वाइंट कमिश्नर श्रीमती डॉ. अर्चना मिश्रा ने ओंकारेश्वर महादेव मंदिर की स्थापत्य शैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि मंदिर में स्थापित ज्योतिर्लिंग की विशिष्ट सोमनाथी शैली श्रद्धालुओं के लिए इसे विशेष आकर्षण और आस्था का केंद्र बनाती है।
प्रशासनिक समिति के सदस्य विनोद अतकुरवार ने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने का अवसर मिलना उनके लिए परम सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से ही उन्हें यह पुण्य अवसर प्राप्त होता है।
मंदिर के संस्थापक, संरक्षक एवं अध्यक्ष डॉ. रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से फलदायी होती है। उन्होंने बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सभी से पंक्तिबद्ध होकर अपनी बारी आने पर ही जलाभिषेक करने की अपील की, ताकि मंदिर की व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखते हुए सभी श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन-पूजन का अवसर मिल सके।
मंदिर के कोषाध्यक्ष शंकर गेंदले ने श्रद्धालुओं द्वारा बनाए गए अनुशासन की सराहना की। वहीं मंदिर कार्यकारिणी सदस्य एवं मानस मर्मज्ञ विष्णु कुमार तिवारी ने रुद्राभिषेक में शामिल सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पूजा समिति के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा, समाजसेवी शैलेन्द्र सिंह कछवाहा, मोहन शर्मा, निशांत श्रीवास्तव, राज सिंह कछवाहा, दिलीप मरकाम, शुभम मिश्रा, श्रीमती ऊषा श्रीवास्तव, निकिता अतकुरवार, दुर्गेश्वरी शर्मा, अंश, देवांश अतकुरवार, दयामती अवस्थी, रानू वाजपेयी, सोनिया गेंदले, गौरी तिवारी, करिश्मा श्रीवास्तव, शालिनी गेंदले, नीलिमा गेंदले, मीनी विश्वकर्मा, शैलेन्द्र गेंदले, शकुन्तला पगोटे, प्राची, अर्चना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्रावण के अंतिम सोमवार पर आयोजित इस विशेष अनुष्ठान ने ओंकारेश्वर महादेव मंदिर को भक्ति और आस्था के विराट केंद्र में बदल दिया।







