प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संगीता बनाफर ने सौंपे नियुक्ति पत्र, साहित्यकारों और पत्रकारों को मिली बड़ी जिम्मेदारियां
जांजगीर-चांपा, 17 मई।
हिंदी भाषा को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के संकल्प के साथ विश्व हिंदी परिषद की जिला जांजगीर-चांपा कार्यकारिणी का भव्य गठन किया गया। शील साहित्य परिषद सभागार में आयोजित जिला स्तरीय प्रथम साहित्यिक गोष्ठी एवं शपथ ग्रहण समारोह में साहित्य, पत्रकारिता और संस्कृति जगत से जुड़े दिग्गजों की मौजूदगी ने आयोजन को गरिमामयी बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में परिषद की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संगीता बनाफर उपस्थित रहीं, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार ईश्वरी यादव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अरुण तिवारी, शिक्षाविद् रामरतन तंबोली और संगीताचार्य रामजी मौजूद रहे। मंच संचालन दीपक यादव ने किया, वहीं कवि गोष्ठी का संचालन अनुभव तिवारी ने संभाला।
अपने ओजस्वी संबोधन में डॉ. संगीता बनाफर ने कहा कि “हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और सांस्कृतिक चेतना की वाहक है। मॉरीशस, सूरीनाम, फिजी सहित दुनिया के कई देशों में हिंदी की गूंज यह साबित करती है कि हिंदी विश्व की सबसे समृद्ध और वैज्ञानिक भाषाओं में से एक है।”
उन्होंने कहा कि विश्व हिंदी परिषद जमीनी स्तर पर हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही है और नवगठित जिला कार्यकारिणी इसी मिशन को आगे बढ़ाएगी।
समारोह के दौरान परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार के मनोनयन पत्र के आधार पर युवा साहित्यकार सुरेश पैगवार को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनके नेतृत्व में बनी नई टीम में संतोष कश्यप को संयोजक, अनुभव तिवारी को उपाध्यक्ष, उमाकांत टैगोर को महामंत्री, संतोषी महंत ‘श्रद्धा’ को संयुक्त मंत्री, योगेश्वर सिंह राठौर को कोषाध्यक्ष तथा वरिष्ठ पत्रकार दीपक यादव को मीडिया प्रभारी बनाया गया।
इस अवसर पर समाजसेवी एवं मीनाक्षी मेडिकल स्टोर के संचालक दीपक गोयल ने शील साहित्य परिषद को एक एसी भेंट करने की घोषणा कर सभी का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम में शील साहित्य परिषद के वरिष्ठ साहित्यकार विजय राठौर, ईश्वरी प्रसाद यादव, सतीश कुमार सिंह और दीपक गोयल को संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं कार्यकारिणी में भैयालाल नागवंशी, दिनेश रोहित चतुर्वेदी, दयानंद गोपाल, व्यास सिंह ‘गुमसुम’, गौरव राठौर, अपर्णा शर्मा, पुनीता दरियाना, अंकित राठौर, हर प्रसाद निडर, हजारी लाल कुर्रे, रोशन केशरवानी और प्रमोद आदित्य को शामिल किया गया।
समारोह में उपस्थित साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने नई टीम को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि यह कार्यकारिणी जिले में हिंदी साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।















