T0068 टेंडर के साथ-साथ T0067, T0065, T0064 और T0066 में भी नियमों के खिलाफ की गई छेड़छाड़- शिकायतकर्ता
बिलासपुर। PWD संभाग क्रमांक-2 द्वारा जारी मैन्युल टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मेसर्स इमरान खान के संचालक ने टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों को शिकायत पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत पत्र के अनुसार, PWD संभाग क्रमांक-2 से जारी निविदा क्रमांक T0068 में मेसर्स इमरान खान के संचालक ने विधिवत भाग लिया था। यह टेंडर 28 जनवरी 2025 को खुलना था, लेकिन उस समय नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के कारण आचार संहिता लागू थी। विभाग के अधिकारियों ने बताया था कि आचार संहिता हटने के बाद टेंडर खोला जाएगा।
हालांकि, बाद में बिना किसी सूचना के टेंडर खोल दिया गया। जब इसकी जानकारी मेसर्स इमरान खान के संचालक को मिली, तो उन्होंने विभाग से संपर्क किया, जहां उन्हें बताया गया कि टेंडर दस्तावेजों में TDR (टेंडर डिपॉज़िट रसीद) नहीं लगी थी।
TDR जमा करने का दावा, फिर भी टेंडर से बाहर!
शिकायतकर्ता का कहना है कि टेंडर में शामिल होने के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज, including TDR, पहले ही जमा कराए जा चुके थे। इसके बावजूद, उनके टेंडर को अमान्य घोषित कर दिया गया।
अन्य टेंडर में भी अनियमितताओं का आरोप
PWD की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए, मेसर्स इमरान खान के संचालक ने यह भी आरोप लगाया कि
इस टेंडर के साथ-साथ T0067, T0065, T0064 और T0066 में भी नियमों के खिलाफ छेड़छाड़ की गई।
गुपचुप तरीके से टेंडर के रेट में बदलाव कराया गया।
PWD के जिम्मेदार अधिकारियों ने मिलीभगत कर ठेकेदारों के हितों को नुकसान पहुंचाया।
उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
अब देखने वाली बात यह होगी कि PWD के उच्चाधिकारी इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। यदि समय रहते इस मामले की सटीक जांच नहीं हुई, तो यह PWD विभाग की छवि को और धूमिल कर सकता है।
ऐसे मामलों से छत्तीसगढ़ शासन की छवि पर भी दाग लगता है, इसलिए शासन और सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों को इन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। इससे न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि गैरकानूनी तरीकों से टेंडर हासिल करने की प्रवृत्ति भी खत्म होगी।
अगले अंक में PWD संभाग-2 के और कारनामों को उजागार करेंगे, पढ़ते रहिए जनता की आवाज को प्राथमिकता से उठाने वाले “न्यूज़ हब इनसाइट” को
डीएनए की ताकत बनाम जांच की कमजोर कड़ी सबूत थे… फिर भी छूट गए आरोपी! अब बदलेगी जांच की तस्वीर” डीएनए बनेगा न्याय का हथियार: बिलासपुर रेंज में बड़ा कदम तकनीकी गलती से बच रहे थे अपराधी, अब पुलिस होगी अपग्रेड अब नहीं बचेंगे अपराधी: फॉरेंसिक ट्रेनिंग से बदलेगा जांच का खेल बिलासपुर रेंज में आयोजित यह कार्यशाला सिर्फ एक औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि पुलिस विवेचना की सबसे कमजोर कड़ी को मजबूत करने की गंभीर पहल है। आज के दौर में अपराध की जांच केवल…
बिलासपुर को “स्मार्ट सिटी” बनाने का सपना कागज़ पर नहीं, सड़कों पर दिखना चाहिए। लेकिन नगर निगम के जोन कार्यालय क्रमांक 5 परिसर की तस्वीरें कुछ और ही कहानी कहती हैं—पब्लिक की सुविधा के लिए लगाए गए साइन बोर्ड, कबाड़ के पास पड़े हुए। यहां एक बात साफ कर देना जरूरी है— ये बोर्ड टूटे-फूटे या बेकार नहीं हैं। वे अच्छी स्थिति में, पढ़ने योग्य और तुरंत उपयोग के काबिल हैं। यहीं से सवाल और तीखा हो जाता है— जब संसाधन जिंदा हैं, तो व्यवस्था क्यों…