बिलासपुर: आबकारी विभाग के संरक्षण में चल रहे चखना सेंटरों को कलेक्टर की टीम ने किया ध्वस्त

अमर अग्रवाल जी! आबकारी विभाग के जिस अधिकारी के संरक्षण में अवैध चखना सेंटर चल रहा है उन पर भी दंडात्मक कार्यवाही कीजिए

 

बिलासपुर: कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर शराब दुकानों के समीप संचालित चखना सेंटरों को हटाने की कार्रवाई आज भी जारी रही. इस कार्रवाई से साबित तो  हो गया है कि कांग्रेस राज में संचालित हो रहा चखना सेंटर अवैध था. जबकि मीडिया इस बात को लगातार  प्रमाण के साथ पिछले दो तीन सालों से लगातार  उठा रही थी. बावजूद इसके आबकारी विभाग के किसी भी निकम्में अधिकारियों के कान में जू तक रेंग नहीं रही थी पर जैसे ही सत्ता परिवर्तन हुआ विभाग के सुर ही बदल गए और अब ये चखना सेंटर अवैध लगने लगा. चलिए कम से कम अवैध कामों में लगाम लगाने की कवायद शुरू तो हुई. 

इस कड़ी में आपको बता दें कि नगर निगम, आबकारी और पुलिस की संयुक्त टीम ने सकरी, उस्लापुर, गनियारी, तखतपुर, यदुनंदन नगर, तिफरा, बोदरी, सिरगिट्टी, परसदा, दगोरी, बिल्हा, हरदीटोना समेत अन्य देशी विदेशी शराब दुकानों के समीप संचालित चखना सेंटरों को ध्वस्त किया. इसी प्रकार नगर पंचायत बोदरी एवं मल्हार में भी दर्जनों चखना सेंटरों पर कार्रवाई करते हुए हटाया गया.

कलेक्टर ने आज समय-सीमा की बैठक में भी समीक्षा करते हुए शहर सहित ग्रामीण इलाकों में भी चखना सेंटरों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए है. उन्होंने कहा है कि फिर से यह सेंटर संचालित न हो सके इसलिए इन्हें जमींदोज किया जाए. शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ अगले दो दिनों तक ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर शराब दुकानों के समीप संचालित चखना सेंटरों को निस्तोनाबूत किया जाएगा. जिला प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे इस कदम से राहगीरों समेत आसपास रहने वाले लोगों को काफी राहत मिली है. लोग इस कार्रवाई के लिए प्रशासन की सराहना कर रहे हैं.

जिला प्रशासन ने माना  कि शहर के अंदर सार्वजनिक स्थानों के आसपास संचालित इन चखना सेंटरों में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आसपास के रहवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ऐसी जगहों पर अपराधिक घटनाओं की भी आशंका बनी रहती है.   

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