बिलासपुर: जब तालाब पाटा जा रहा था, तो क्या कर रहे थे संबंधित क्षेत्र के राजस्व अधिकारी और जनप्रतिनिधि? पूछता है न्यूज़ हब इनसाइट

पहले दिन निकाले गए 80 डंपर मिट्टी, अवैध दुकानों पर भी चला बुलडोज़र

बिलासपुर। ग्राम कोनी में खसरा नंबर 126, रकबा 0.74 एकड़ पर स्थित पाटे गए तालाब को उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई शुरू की। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश पर आज 4 जेसीबी, 8 डंपर, 2 हाईवा, और 2 ट्रैक्टर की मदद से खुदाई शुरू हुई। पहले दिन करीब 80 डंपर मिट्टी हटाई गई।

तालाब पाटने वालों पर पहले ही हो चुकी थी कार्रवाई
27 दिसंबर 2024 को एसडीएम पीयूष तिवारी ने भू राजस्व संहिता की धारा 242 और 253 के तहत अनावेदकों पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया था और तालाब को सात दिनों के भीतर उसके मूल स्वरूप में लाने का आदेश दिया था। यह समय सीमा बीत जाने के बाद भी अनावेदकों ने आदेश का पालन नहीं किया।

राजस्व रिकॉर्ड में तालाब दर्ज
बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र के तालाबों की जांच में यह तथ्य सामने आया था कि ग्राम कोनी के खसरा नंबर 126 की जमीन “पानी के नीचे” और “तालाब” के रूप में दर्ज है। छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता 1959 के अनुसार, सामूहिक निस्तार की ऐसी जमीन का स्वरूप परिवर्तन नहीं किया जा सकता।

तहसीलदार की जांच में पाया गया कि अनावेदक व्यासनारायण पाण्डेय पिता रामचरण और सुरेंद्र पाण्डेय पिता रामलाल ने तालाब को पाटकर खेत में बदल दिया था। यह न केवल भू राजस्व संहिता का उल्लंघन है, बल्कि सामूहिक हितों को भी प्रभावित करता है।

एसडीएम ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए
तालाब की भूमि को पाटने और आदेश का पालन न करने पर एसडीएम ने नगर निगम को खुदाई के निर्देश दिए। कार्रवाई के दौरान मिट्टी हटाकर तालाब को मूल स्वरूप में लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

अवैध दुकानों और गोदाम पर चला बुलडोज़र
कार्रवाई के दौरान नगर निगम ने गुड़ाखू फैक्ट्री के पास शासकीय भूमि पर बने दो अवैध दुकानों और एक गोदाम को भी तोड़ा। अतिक्रमण हटाने से मेन रोड से लगी जमीन कब्जामुक्त हो गई।

निगम की सख्ती से जनता खुश
नगर निगम और प्रशासन की इस कार्रवाई को स्थानीय लोगों का समर्थन मिल रहा है। तालाब को पुनः उसके मूल स्वरूप में लाने और अवैध अतिक्रमण हटाने से पर्यावरण संरक्षण और जनहित को बढ़ावा मिला है।

आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया कल भी जारी रहेगी। पूरी खुदाई होने तक कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाएगा। वहीं, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक और शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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