बिलासपुर: बाल श्रम पूर्णतः समाप्त करने का लिया गया संकल्प

बिलासपुर: आज 20 जून को कलेक्ट्रेट परिसर के मंथन कक्ष में शाम 4 बजे श्रम विभाग द्वारा “बाल श्रम” विषय पर मीटिंग आयोजित की गई थी, जिसमें सहायक श्रमायुक्त आर. के.प्रधान के निर्देशन में डी. एस.पी. सी. डी. लहरे, डी सी पी यु राहुल पवार,  उद्योग अधिकारी, युनिसेफ से रूहाना खान, चाइल्ड लाइन से पुरूषोत्तम पांडे, सी.एस.जे. से भानुप्रिया, सामाजिक कार्यकर्ता बिंदु सिंग कछुवाहा, चेंम्बर आफ कामर्स के अध्यक्ष संजय मित्तल, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सन्नी और विभिन्न उद्योगों के एच. आर. एवं सी. ई.ओ. व श्रम विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय मित्तल के द्वारा समस्त उद्योग संघ की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि बाल श्रम के रोकथाम में प्रशासन का भरपूर सहयोग करेंगे. मीटिंग में बाल श्रम के अतिरिक्त बाल भिक्षावृत्ति, बाल-विवाह, बाल तस्करी एवं बच्चों के मौलिक अधिकार जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की गई, जिसमें बाल श्रम के प्रतिबंध, सामाजिक सरोकार, दंड और बाल श्रम को दूर करने के उपायों पर अभिमत लिया गया और इसे एक मिशन के रूप में लेकर बिलासपुर जिले से बाल श्रम पूर्णतः समाप्त करने का सभी पक्षों ने संकल्प लिया और बाल श्रम उन्मूलन पर अपनी सहभागिता जताई। 

  • Related Posts

    बुद्ध पूर्णिमा : प्राचीन प्रकाश, आधुनिक आवश्यकता और मनुष्य होने की शाश्वत चेतना

    ✍ डॉ. भूपेन्द्र धर दीवान, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ ( त्वचाविज्ञान आधारित बहु-बुद्धिमत्ता परीक्षण विशेषज्ञ एवं मानसिकमाप परामर्शदाता ) प्रस्तावना : एक तिथि, अनेक आलोक वैशाख मास की पूर्णिमा भारतीय सभ्यता में केवल खगोलीय पूर्णता का क्षण नहीं, बल्कि चेतना की पराकाष्ठा का प्रतीक है। परंपरागत दृष्टि के अनुसार इसी दिन गौतम बुद्ध का जन्म, बोधि-प्राप्ति और महापरिनिर्वाण-तीनों घटनाएँ एक ही आध्यात्मिक धारा में समाहित हो जाती हैं, जो मानव इतिहास को एक अद्वितीय दार्शनिक गहराई प्रदान करती हैं। ऋग्वेद की सार्वभौमिक दृष्टि उद्घोष करती है- “एकं सद्विप्रा…

    Continue reading
    रायगढ़: 11 साल की मिष्ठी ने मचाया धमाल — पहले ही प्रयास में भारत सरकार की राष्ट्रीय छात्रवृत्ति फतह!

    रायगढ़ घराने की चौथी पीढ़ी की चमक, 9 साल तक मिलेगी खास कथक तालीम रायगढ़ | कहते हैं हुनर उम्र का मोहताज नहीं होता… और इस कहावत को सच कर दिखाया है 11 साल की नन्ही कथक नृत्यांगना मिष्ठी वैष्णव ने। बेहद कठिन चयन प्रक्रिया को पहले ही प्रयास में पार करते हुए मिष्ठी ने भारत सरकार की राष्ट्रीय छात्रवृत्ति हासिल कर ली है — और वो भी ऐसी छात्रवृत्ति, जो देश के चुनिंदा प्रतिभाओं को ही नसीब होती है। यह चयन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *