बिलासपुर: कथक सम्राट पद्मश्री राम लाल बरेठ का 90वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया, शाल-श्रीफल व मोमेंटो से हुआ सम्मान

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बिलासपुर। कथक नृत्य के महान साधक और रायगढ़ घराने की परंपरा को देश-विदेश तक पहुंचाने वाले पद्मश्री राम लाल बरेठ के 90वें जन्मदिन पर भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक अमर अग्रवाल, राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक (पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ, गोपालगंज) तथा विशिष्ट अतिथि अरविंद तिवारी (कुलसचिव, सीवीआरयू कोटा) ने शाल, श्रीफल और मोमेंटो भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।

स्वागत भाषण में भूपेन्द्र बरेठ ने पद्मश्री राम लाल बरेठ की दीर्घकालीन कला साधना और कथक के प्रति उनके समर्पण का उल्लेख किया।

मुख्य अतिथि अमर अग्रवाल ने कहा कि पद्मश्री राम लाल बरेठ ने अपनी साधना से रायगढ़ घराने की कथक परंपरा को राष्ट्रीय पहचान दिलाकर पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर कला और साहित्य की धानी है, जहां हर कला विधा का सम्मान किया जाता है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें गर्व है कि पद्मश्री राम लाल बरेठ ने उनके पूज्य दादा महाराजा चक्रधर सिंह की स्थापित कथक परंपरा को देश-विदेश में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने महान कलाकार कार्तिक राम और फिरतू महाराज की कला साधना को भी याद किया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि पद्मश्री राम लाल बरेठ का व्यक्तित्व और कृतित्व हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्हें दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार तथा वर्ष 2024 में पद्मश्री से सम्मानित किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
विशिष्ट अतिथि अरविंद तिवारी ने कहा कि डॉ. सी.वी. रामन विश्वविद्यालय में संस्कृति, साहित्य और कला के संवर्धन के लिए लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. राघवेन्द्र कुमार दुबे और डॉ. किरण राठौर ने किया। कार्यक्रम में प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी, राष्ट्रीय कवि संगम सहित कई संस्थाओं और उपस्थित जनों ने भी पद्मश्री राम लाल बरेठ का सम्मान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। साहिल सिंह ठाकुर और देवेन्द्र गोस्वामी ने गणेश वंदना, मास्टर युवराज सिंह ने भजन, जगमोहन पटेल और देवेन्द्र श्रीवास ने गीत-ग़ज़ल प्रस्तुत कर माहौल को संगीतमय बना दिया। वहीं भूपेन्द्र बरेठ के शिष्यों ने कथक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।

इस अवसर पर पद्मश्री राम लाल बरेठ के परिवारजनों—सुपुत्र भूपेन्द्र बरेठ, उनकी पत्नी चुनौती बरेठ, पुत्र प्रदीप बरेठ और पौत्र मलय बरेठ सहित परिजनों ने उनकी पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम में डॉ. गजेन्द्र तिवारी, डॉ. रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, विष्णु कुमार तिवारी, राजेश सोनार, सरस्वती सोनी, डॉ. उग्रसेन कन्नौजे, डॉ. अंकुर शुक्ला, राम निहोरा राजपूत, एम.डी. मानिकपुरी, शीतल प्रसाद पाटनवार, शत्रुघ्न जेसवानी, सनत तिवारी, डॉ. विवेक तिवारी सहित बड़ी संख्या में कला-साहित्य प्रेमी और नागरिक उपस्थित रहे।

 

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