रायगढ़ में गूंजा कला-साहित्य का महाकुंभ: ‘वेद कला संगीत महोत्सव’ में देशभर के साहित्यकारों ने दी भावांजलि

रायगढ़, 13 मार्च 2026।क ला गुरु स्व. वेदमणि सिंह ठाकुर की जयंती के पावन अवसर पर लक्ष्मण कला-संगीत महाविद्यालय, रायगढ़ द्वारा आयोजित “वेद कला संगीत महोत्सव” का भव्य और गरिमामय आयोजन सेठ किरोड़ीमल शासकीय पॉलीटेक्निक संस्थान के सभागार में संपन्न हुआ। यह आयोजन रायगढ़ की समृद्ध कला-साहित्य परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया, जिसकी गूंज दूर तक सुनाई देने वाली है।

महोत्सव के द्वितीय साहित्यिक सत्र में थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) के कुलपति एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मीनकेतन प्रधान, पूर्व प्राध्यापक किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रायगढ़ तथा संस्थापक विश्व हिन्दी अधिष्ठान ने की।

रायगढ़ कला-साहित्य का तीर्थस्थल – डॉ. विनय पाठक

अपने संबोधन में डॉ. विनय पाठक ने रायगढ़ की ऐतिहासिक कला-साहित्य परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि रायगढ़ वास्तव में कला और साहित्य का तीर्थस्थल है। उन्होंने स्व. वेदमणि सिंह ठाकुर के बहुआयामी व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें कला-साधना का प्रेरणास्रोत बताया।

नई पीढ़ी को रचनात्मक दिशा का संदेश

कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. मीनकेतन प्रधान ने कहा कि स्व. वेदमणि सिंह ठाकुर ने राजा चक्रधर सिंह की संगीत परंपरा और रायगढ़ की साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने नई पीढ़ी को समाजोन्मुखी रचनात्मकता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया और रायगढ़ को हिन्दी, छत्तीसगढ़ी और ओड़िया साहित्य की संगम स्थली बताया।

शास्त्रीय संगीत और नृत्य से हुआ आगाज

महोत्सव के प्रथम सत्र का शुभारंभ रायगढ़ घराने के विख्यात नृत्याचार्य पद्मश्री रामलाल बरेठ की प्रेरक उपस्थिति में शास्त्रीय संगीत और कत्थक की मनमोहक प्रस्तुति से हुआ, जिसने सभागार में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

पुस्तकों का लोकार्पण

इस अवसर पर साहित्यकार आनंद सिंघनपुरी द्वारा लिखित पुस्तक “एक संगीतज्ञ की देहरी से” का लोकार्पण किया गया, जो वेदमणि सिंह ठाकुर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित है। साथ ही उनकी काव्य कृति “संगीतिका” का भी लोकार्पण हुआ, जिसके प्रकाशन में उनकी सुपुत्रियां गीता ठाकुर और मीना ठाकुर की विशेष भूमिका रही।

कवियों ने बांधा समा

कार्यक्रम में बिलासपुर के प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ. रमेशचंद्र श्रीवास्तव, अंजनी कुमार तिवारी ‘सुधाकर’, डॉ. गजेन्द्र तिवारी सहित कई साहित्यकारों ने काव्यात्मक भावांजलि अर्पित की। मंच पर वरिष्ठ पत्रकार-साहित्यकार सुभाष त्रिपाठी और मीना ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही।

काव्यपाठ सत्र में गीता उपाध्याय, साधना मिश्रा, डॉ. आशा मेहर, डॉ. विद्या प्रधान, सुधा देवांगन, लिशा पटेल, धनेश्वरी देवांगन, दिव्या पांडेय, सोनल श्रीवास, सरोज साव कमल, सुशीला साहू, नेतराम साहू, डॉ. गुलशन खम्हारी, प्रदीप उपाध्याय, कन्हैयालाल गुप्ता, रश्मि वर्मा, पूर्णिमा चौधरी, सूरज पासवान सहित अनेक कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के अभिभाषण खंड का संचालन रवींद्र चौबे तथा काव्यपाठ का संचालन आनंद सिंघनपुरी ने किया। अंत में मनोज श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया।

यह आयोजन रायगढ़ की कला-साहित्य परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

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