कलेक्टर संजय अग्रवाल, कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक और न्यायमूर्ति डॉ. चंद्रभूषण बाजपेयी ने सराहा नन्हीं सुर साधिका मयंशी का हुनर, 8 साल की गायिका ने जीता तृतीय पुरस्कार

एसएसपी रजनेश सिंह से सम्मानित 8 वर्षीय मयंशी का फिर चला सुरों का जादू, कलेक्टर, कुलपति और न्यायमूर्ति ने दी बधाई

बिलासपुर। सिम्स ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित सात दिवसीय संगीत महोत्सव की सिंगिंग प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में महज 8 वर्षीय प्रतिभाशाली गायिका मयंशी खण्डेलवाल ने सदाबहार गीत “तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया”की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर तृतीय पुरस्कार अपने नाम किया। अपनी सुरीली आवाज़, सुरों की सटीकता और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति से मयंशी ने निर्णायकों और उपस्थित संगीत प्रेमियों का दिल जीत लिया।

मयंशी की इस उपलब्धि पर बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल, थावे विद्यापीठ के कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक तथा न्यायमूर्ति डॉ. चंद्रभूषण बाजपेयी ने उसकी प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। वहीं रिटायर्ड आईआरएस रमेश चंद श्रीवास्तव, समाजसेवी विष्णु तिवारी, जेपी वर्मा कॉलेज के प्राचार्य श्याम लाल निराला, NHICF नेशनल प्रेस क्लब के महासचिव सुरेन्द्र वर्मा, गुरु परमवीर मरहास, समाजसेवी जितेंद्र सिंह ठाकुर, दिलीप सराफ, संजय वर्मा सहित सैकड़ों संगीत प्रेमियों ने भी बधाई एवं आशीर्वाद दिया।

चार साल की उम्र से सुरों की साधना

मयंशी ने महज चार वर्ष की उम्र से संगीत की विधिवत शिक्षा लेना शुरू कर दिया था। छोटी-सी उम्र में ही उसने भजन, ग़ज़ल और फिल्मी गीतों की शानदार प्रस्तुतियों से अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उसकी गायकी में सुर, लय और भावों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है।

वर्ष 2024 में रायपुर में आयोजित एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा वर्ष 2025 में महाराष्ट्र के अचलपुर में आयोजित कार्यक्रम में भी मयंशी ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर खूब वाहवाही बटोरी थी।

एसएसपी रजनेश सिंह के हाथों भी हो चुकी हैं सम्मानित

मयंशी की प्रतिभा को पूर्व में भी कई मंचों पर सम्मान मिल चुका है। बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह भी उसकी गायकी से प्रभावित होकर उसे अपने हाथों सम्मानित कर चुके हैं। इतनी कम उम्र में प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायपालिका, शिक्षाविदों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों से लगातार मिल रही सराहना इस बात का प्रमाण है कि मयंशी भविष्य में संगीत जगत की एक बड़ी पहचान बनने की ओर अग्रसर है।

लगातार मिल रही सफलताओं ने मयंशी खण्डेलवाल को बिलासपुर की उभरती हुई “नन्हीं सुर साधिका” के रूप में स्थापित कर दिया है। संगीत प्रेमियों का मानना है कि यदि इसी समर्पण और मेहनत के साथ वह आगे बढ़ती रही, तो आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मधुर आवाज़ का परचम लहराएगी।

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

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