डॉ. विनय कुमार पाठक, पूर्व बीडीए अध्यक्ष अनिल टाह, डॉ. श्याम लाल निराला, सामाजिक कार्यकर्ता किरण सिंह, प्रेस क्लब सचिव संदीप करिहार और शिवसेना नेत्री रेवती यादव की गरिमामयी मौजूदगी में सफल हुआ कार्यक्रम
संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों ने मोहा मन, मोना आनंद, बिपुला दास व रूना दास के छात्रों सहित आलोक-आशुतोष पांडेय, उदभव ठक्कर, एम अवंतिका, तनिष्क वर्मा, अरजिता सिंह और मयंशी खण्डेलवाल ने बांधा समां
National Flame of Honour 2026: बिलासपुर में दिव्यांग कलाकारों, शिक्षकों और संगीत साधकों का सम्मान
बिलासपुर में NHICF के National Flame of Honour 2026 में दिव्यांग कलाकारों, शिक्षकों, संगीत साधकों, किसानों और समाजसेवियों का सम्मान हुआ। तनिष्क वर्मा, मयांशी खण्डेलवाल सहित कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति।
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National Flame of Honour 2026: बिलासपुर में दिव्यांग कलाकारों, शिक्षकों और संगीत साधकों का सम्मान
NHICF के National Awards Season IV में कला, शिक्षा, संगीत, नृत्य, समाजसेवा और कृषि क्षेत्र से जुड़ी प्रतिभाओं का सम्मान
बिलासपुर, 20 सितंबर 2026। बिलासपुर के लखीराम ऑडिटोरियम में रविवार को कला, संस्कृति, शिक्षा, संगीत, समाजसेवा और प्रतिभाओं के सम्मान का भव्य आयोजन हुआ। **न्यूज़ हब इनसाइट केयर फाउंडेशन (NHICF)** के बैनर तले आयोजित “NATIONAL FLAME OF HONOUR 2026 – National Awards • Season IV • 2026” में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
समारोह में दिव्यांग कलाकारों, शिक्षकों, संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थियों, संगीत एवं नृत्य गुरुओं, समृद्ध किसान, समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली विभूतियों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक, डॉ श्यामलाल निराला एवं पूर्व बीडीए अध्यक्ष अनिल टाह उपस्थित रहे। सामाजिक कार्यकर्ता किरण सिंह सहित विशिष्ट अतिथियों में शिवसेना महिला जिलाध्यक्ष रेवती यादव, बिलासपुर प्रेस क्लब सचिव संदीप करिहर एवं बिलासपुर प्रेस क्लब कोषाध्यक्ष किशोर सिंह शामिल रहे।
दिव्यांग कलाकारों की प्रस्तुति रही समारोह का आकर्षण
National Flame of Honour 2026 में दिव्यांग कलाकारों की प्रस्तुतियों को विशेष स्थान दिया गया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का परिचय दिया। प्रस्तुतियों के दौरान लखीराम ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा।
दिव्यांग प्रतिभाओं को मंच और सम्मान देकर NHICF ने कला के क्षेत्र में समावेशी सहभागिता का संदेश दिया।
अतिथियों ने प्रतिभाओं को मंच देने को बताया जरूरी
डॉ. विनय कुमार पाठक ने कला एवं संस्कृति को समाज की संवेदनशीलता से जोड़ते हुए गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने और युवा प्रतिभाओं को अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अनिल टाह ने अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को एक मंच पर सम्मानित करने की पहल की सराहना की और दिव्यांग कलाकारों को अवसर दिए जाने को महत्वपूर्ण बताया।
किरण सिंह ने कहा—प्रतिभाओं को सम्मान देना समाज को मजबूत करता है
सामाजिक कार्यकर्ता किरण सिंह ने कहा कि समाज में अनेक प्रतिभाएं और ऐसे लोग हैं जो अपने स्तर पर लगातार अच्छा कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पहचान और प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग कलाकारों को मंच देना और उन्हें सम्मानित करना विशेष रूप से प्रेरणादायी पहल है। ऐसे आयोजन प्रतिभाओं का मनोबल बढ़ाने के साथ समाज में सकारात्मक संदेश भी देते हैं।
रेवती यादव ने कहा—कला और प्रतिभा को प्रोत्साहन देने की जरूरत
शिवसेना महिला जिलाध्यक्ष रेवती यादव ने कहा कि कला, संस्कृति और प्रतिभा किसी भी समाज की पहचान होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों, दिव्यांग कलाकारों और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए मंच और अवसर मिलना जरूरी है।उन्होंने NHICF के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को एक मंच पर सम्मानित करना समाज के लिए प्रेरणादायी है।
संदीप करिहर ने कहा—सम्मान से बढ़ता है प्रतिभाओं का उत्साह
बिलासपुर प्रेस क्लब सचिव संदीप करिहर ने कहा कि पत्रकारिता के साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को पहचान और सम्मान मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि **कला, शिक्षा, संगीत, समाजसेवा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को मंच देकर उनका उत्साह बढ़ाया जा सकता है।** उन्होंने दिव्यांग कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिभा को अवसर मिले तो वह अपनी अलग पहचान बना सकती है।
डॉ. किरण राठौर और कृष्णा तिवारी ने किया मंच संचालन
समारोह का मंच संचालन डॉ. किरण राठौर एवं कृष्णा तिवारी ने किया। दोनों ने सम्मान समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अतिथियों के उद्बोधन के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखा।
सम्मानित प्रतिभाओं के नामों की घोषणा और उनके योगदान के परिचय के साथ समारोह का संचालन गरिमापूर्ण एवं जीवंत अंदाज में किया गया।
तनिष्क वर्मा और मयंशी खण्डेलवाल की गायन प्रस्तुति
समारोह का प्रमुख सांस्कृतिक आकर्षण छत्तीसगढ़ रत्न से सम्मानित तनिष्क वर्मा और स्वर कोकिला मयंशी खण्डेलवाल की गायन प्रस्तुति रही।
दोनों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। गीतों के दौरान दर्शक तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाते नजर आए।
मयंशी खण्डेलवाल ने अपनी गायन प्रतिभा से दर्शकों की विशेष सराहना प्राप्त की, जबकि तनिष्क वर्मा की प्रस्तुति ने समारोह में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बनाया।
एम. अवंतिका ने बजाया सैक्सोफोन
सांस्कृतिक कार्यक्रम में तनिष्क वर्मा ने हारमोनियम में एवं एम. अवंतिका ने सैक्सोफोन की प्रस्तुति दी। मधुर धुनों से सभागार का वातावरण संगीतमय हो गया और दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में संगीत और शास्त्रीय नृत्य की विविध प्रस्तुतियां भी हुईं।
मोना आनंद, म्यूजिक टीचर, ने गायन प्रस्तुति दी। वहीं बिपुला दास, म्यूजिक टीचर, ने भी अपनी गायन प्रस्तुति से दर्शकों की सराहना प्राप्त की।
नृत्य गुरु रूना दास के शिष्यों ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी। भारतीय शास्त्रीय नृत्य की इस प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
वहीं नृत्य गुरु राधिका पाखी के भाई उद्भव ठक्कर ने कथक की प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति में कथक की पारंपरिक नृत्य शैली और भावाभिव्यक्ति देखने को मिली।
इसके अलावा म्यूजिक टीचर आलोक पांडे एवं आशुतोष पांडे ने गायन प्रस्तुति दी।
संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
समारोह में नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय, बिलासपुर के विद्यार्थियों को उनकी कला-साधना के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
संगीत और नृत्य के क्षेत्र में योगदान देने वाले गुरुओं को भी सम्मानित किया गया। इनमें मोना आनंद, बिपुला दास, नृत्य गुरु रूना दास, नृत्य गुरु राधिका पाखी, आलोक पांडे एवं आशुतोष पांडे शामिल रहे।
कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय कला-संस्कृति को आगे बढ़ाने में गुरुओं की भूमिका को रेखांकित किया गया।
डॉ. रमेश कुमार श्रीवास्तव सहित समाजसेवियों का सम्मान
समारोह में शिक्षा, समाजसेवा और विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली विभूतियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. रमेश कुमार श्रीवास्तव, विष्णु तिवारी, रामदत्त गौरहा एवं समाजसेवी चुन्नी मौर्य शामिल रहे।
इसके अलावा समाजसेवी शिव प्रताप साव, शैलेन्द्र सिंह कछवाहा, डॉ. लखन सिंह, रुद्र प्रताप यादव, डॉ. विश्वनाथ कश्यप, दिनेश पांडेय, शमीम शेख (गोल्ड मेडलिस्ट), प्रिंसिपल पूजा तिवारी, व्यंग्यकार राकेश श्रीवास, साहित्यकार संतोषी “श्रद्धा” महंत तथा पूर्व डिप्टी कमिश्नर, इनकम टैक्स अलखराम सूर्यवंशी को विशेष सम्मान गाउन पहनाकर सम्मानित किया गया।
समृद्ध किसानों को भी मिला सम्मान
National Flame of Honour 2026 में कृषि क्षेत्र से जुड़े योगदान को भी सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में समृद्ध किसान को सम्मानित कर खेती-किसानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया गया।
सम्मान समारोह बना प्रतिभा और योगदान का मंच
NHICF के इस आयोजन में कला, संगीत, नृत्य, शिक्षा, कृषि, समाजसेवा और दिव्यांग प्रतिभाओं को एक मंच पर स्थान मिला।
समारोह का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में प्रशस्ति पत्र, सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से *प्रतिभा, साधना और सामाजिक योगदान को प्रमुखता दी गई।
National Flame of Honour 2026 में कला और संस्कृति के साथ शिक्षा, समाजसेवा, कृषि तथा दिव्यांग प्रतिभाओं को शामिल किए जाने से समारोह का स्वरूप बहुआयामी रहा। NHICF की ओर से आयोजित यह सम्मान समारोह प्रतिभाओं और योगदानकर्ताओं के सम्मान के अवसर के रूप में संपन्न हुआ।उक्त जानकारी NHICF के फाउंडर पंकज खण्डेलवाल एवं मयूरी खण्डेलवाल ने दी।







