बिलासपुर शिक्षा विभाग का मामला: 12 साल से वित्त शाखा पर कब्जा… अधिकारी बदले, लेकिन विजय तिवारी नहीं!

कलेक्टर संजय अग्रवाल के नाक के नीचे DEO कार्यालय में चल रहा ‘लंबा खेल’- सूत्र 

इस पूरे मामले में विवादित प्रभारी DEO विजय टांडे आखिर चुप क्यों हैं?

बिलासपुर। जिले के शिक्षा विभाग में एक चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। विभाग में सहायक ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत विजय तिवारी पर पिछले कई वर्षों से वित्त शाखा पर एकछत्र कब्ज़े, मनमाने तरीके से वेतन आहरण, अनेकों वित्तीय अनियमितताओं और शासन नियमों की खुली अनदेखी के आरोप गंभीर रूप से लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, विभाग के भीतर तिवारी को “सुपर क्लर्क” की उपाधि दी जाने लगी है—क्योंकि अधिकारी बदलते गए पर इनका प्रभार नहीं बदला जा सका।

एक ही शाखा में 12 वर्षों से जमे — शासन के तबादला नियम हवा!

सूत्र बताते हैं कि विजय तिवारी पिछले 12 वर्षों से अधिक समय से वित्त शाखा में तैनात हैं, जबकि शासन के स्पष्ट नियम के अनुसार किसी भी लिपिक को इतने लंबे समय तक एक ही संवेदनशील शाखा में नहीं रखा जा सकता। कई डीईओ ने इनका प्रभार बदलने की कोशिश की, आदेश भी जारी किए गए… लेकिन तिवारी पहले की तरह फिर उसी कुर्सी पर बैठे नज़र आए। यहाँ तक कि कलेक्टर द्वारा अनुमोदित आदेश भी प्रभावी नहीं हो पाया।

 ताज़ा मामला – मेडिकल लीव पर कर्मचारी का वेतन निकाल दिया!

सबसे ताजा प्रकरण में कार्यालय के एक कर्मचारी हेमंत शर्मा, जो चिकित्सा अवकाश पर थे, उनका वेतन तिवारी द्वारा जारी कर दिया गया। डीईओ कार्यालय ने इस पर कारण बताओ सूचना (Show Cause) जारी की, लेकिन आश्चर्य—तिवारी ने उसका कोई जवाब ही नहीं दिया।
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