बिलासपुर: हिंदी राज्याश्रय की नहीं, लोकाश्रय की भाषा: डॉ. पाठक
बिलासपुर। हिंदी दिवस पर प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी में साहित्य, भाषा और संस्कृति का ऐसा संगम हुआ जिसने श्रोताओं को गहरे तक आंदोलित कर दिया। मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक, पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) ने कहा—“हिंदी कभी सत्ता या राज्याश्रय पर निर्भर नहीं रही, यह तो लोकाश्रय से जन-जन की कंठस्वर बनी है। इसकी शक्ति इसकी सरलता और आत्मीयता है, जिसने इसे राष्ट्रीय एकता और अखंडता का सूत्रधार बनाया है। नई शिक्षा नीति में…








