बिलासपुर: CM फोन पर जनता से, कलेक्टर कॉल बैक पर… लेकिन सरकंडा TI प्रदीप आर्य, सिविल लाइन TI किशोर केंवट और प्रभारी आबकारी अधिकारी नवनीत तिवारी नहीं उठाते मीडिया का फोन, जवाबदेही से दूरी क्यों?

CM और कलेक्टर बना रहे भरोसा, लेकिन ये अफसर बिगाड़ रहे सरकार की छवि!

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जनता से सीधे फोन पर बात कर सरकार की संवेदनशील छवि गढ़ रहे हैं। बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल भी फोन नहीं उठा पाने पर कॉल बैक कर जवाबदेही की मिसाल पेश करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यही संदेश जिले के कुछ अधिकारियों तक पहुंचा ही नहीं?

शहर के सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्या, सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केवंट और आबकारी अधिकारी नवीन तिवारी पर आरोप है कि वे पत्रकारों के फोन तक रिसीव नहीं करते। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर ये अधिकारी जनता और मीडिया से संवाद करने से क्यों बच रहे हैं?

पत्रकार कोई निजी एहसान नहीं मांगते। उनका काम तथ्यों की पुष्टि कर जनता तक सही जानकारी पहुंचाना है। लेकिन जब जिम्मेदार अधिकारी फोन उठाने से ही परहेज करें, तो पारदर्शिता और जवाबदेही के सरकारी दावे कितने मजबूत रह जाते हैं?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मुख्यमंत्री आम लोगों तक पहुंच सकते हैं, कलेक्टर हर कॉल का सम्मान कर सकते हैं, तो कुछ थाना प्रभारी और विभागीय अधिकारी आखिर किस “वीआईपी संस्कृति” में जी रहे हैं? क्या उन्हें लगता है कि मीडिया के सवालों का जवाब देना उनकी जिम्मेदारी नहीं है?

जनता जानना चाहती है—
क्या सरकारी कुर्सी संवाद के लिए होती है या दूरी बनाने के लिए?

क्या फोन न उठाना नई प्रशासनिक नीति है या जवाबदेही से बचने का आसान तरीका?

गृह मंत्री विजय शर्मा के पुलिस विभाग में यदि थाना स्तर पर यही रवैया बना रहा, तो सरकार की “गुड गवर्नेंस” की छवि पर सवाल उठना लाजिमी है। इसी तरह आबकारी विभाग को भी स्पष्ट करना चाहिए कि मीडिया से संवाद उनकी प्राथमिकता में है या नहीं।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या वरिष्ठ अधिकारी इस संवादहीनता पर संज्ञान लेते हैं या फिर कुछ अफसरों का ‘साइलेंट मोड’ यूं ही चलता रहेगा।

(यदि संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

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