निर्माण में त्रुटि पर सख्त हुए कार्यपालन अभियंता विंध्यराज, कहा– मानकों से कोई समझौता नहीं
बिलासपुर। शहर में नेहरू चौक से दर्रीघाट के बीच लगभग 32 करोड़ रुपए की लागत से बन रही सड़क की शुरुआत ही विवादों में घिर गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के इस प्रोजेक्ट में कंपनी गार्डन के सामने बनाए जा रहे रोड डिवाइडर की ऊंचाई जरूरत से ज्यादा कर दी गई है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा शहर के दोनों छोर से सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है। जूना बिलासपुर की ओर सड़क अत्यधिक जर्जर होने के कारण एक ओर डामरीकरण और नाली निर्माण का काम चल रहा है। वहीं, कंपनी गार्डन के सामने डिवाइडर का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन निर्माण के दौरान डिवाइडर की ऊंचाई असामान्य रूप से ज्यादा बना दी गई, जिससे यह देखने में ही असहज और मानकों से अलग नजर आ रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब दस मीटर लंबाई में डिवाइडर पहले ही बन चुका है, जिसे अब तोड़कर उसकी ऊंचाई कम करनी पड़ेगी। ठेकेदार ने डिवाइडर निर्माण में चार इंच कम खुदाई की है, जिसके कारण ऊपर की ओर उसकी ऊंचाई लगभग चार इंच ज्यादा दिखाई दे रही है। सवाल यह उठ रहा है कि जब काम शुरू हुआ, तब साइट पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे कैसे नजरअंदाज कर दिया।
इस मामले में एसडीओ आदित्य ग्रोवर और सब इंजीनियर बैस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी और माप-तौल की जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों की होती है, लेकिन इसके बावजूद ऐसी तकनीकी गड़बड़ी सामने आना विभागीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
इस संबंध में कार्यपालन अभियंता सी. एस. विंध्यराज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि निर्माण कार्य नियम और तकनीकी मापदंडों के अनुसार ही कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि कहीं त्रुटि हुई है तो उसे तत्काल सुधारते हुए कार्य को सही मानकों के अनुसार पूरा किया जाए।















