बिलासपुर। होली जैसे संवेदनशील त्योहार को देखते हुए शहर में सुरक्षा का पूरा किला खड़ा किया गया था। आंकड़ों के मुताबिक 78 पेट्रोलिंग वाहन, 37 बाइक गश्त, चौक-चौराहों पर चेकिंग और देर रात तक पुलिस की निगरानी — सब कुछ व्यवस्था की मजबूती का भरोसा दिला रहा था।
होली के दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों में धारदार चाकू लेकर घूमते युवक, अवैध शराब का परिवहन, गाली-गलौज और हुड़दंग के मामले सामने आए। पुलिस ने कार्रवाई भी की, गिरफ्तारियां भी हुईं, इतनी चौकसी के बावजूद ये घटनाएं हो गई.
घटनाएं जो सवाल छोड़ गईं
चाकू लेकर घूमते युवक
सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा यदुनंदन नगर में एक युवक को धारदार हथियार के साथ पकड़ा गया।
सिविल लाइन क्षेत्र में भी एक युवक के पास से बटनदार चाकू बरामद हुआ।
सरकंडा थाना क्षेत्र में तीन युवक चाकू लहराते हुए पुलिस के हत्थे चढ़े।
अवैध शराब की खेप
होली के दौरान शराब की अवैध बिक्री की आशंका के बीच पुलिस ने कार्रवाई की।
सरकंडा पुलिस ने बड़ी मात्रा में देशी शराब और एक ई-रिक्शा जब्त किया।
रतनपुर क्षेत्र में भी कच्ची महुआ शराब के साथ आरोपियों को पकड़ा गया।
हुड़दंग और गाली-गलौज
सीपत थाना क्षेत्र में होली के दौरान हुड़दंग करने वाले कुछ लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
“कागज की सुरक्षा बनाम जमीन की घटनाएं”
सुरक्षा व्यवस्था सामने आई घटनाएं
78 पेट्रोलिंग वाहन चाकू लेकर घूमते युवक
37 बाइक गश्त अवैध शराब परिवहन
चौक-चौराहों पर चेकिंग गाली-गलौज और हुड़दंग
देर रात निगरानी नशे में वाहन चलाना
सवाल उठाना जरूरी है
स्पष्ट है कि पुलिस ने अपनी तरफ से व्यवस्था बनाई और कई मामलों में त्वरित कार्रवाई भी की।
लेकिन यह भी उतना ही सच है कि ये घटनाएं वास्तव में हुईं और यही तथ्य बताता है कि कुछ असामाजिक तत्व अब भी मौके तलाश लेते हैं।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा का असली पैमाना केवल तैनाती के आंकड़े नहीं होते, बल्कि यह होता है कि घटनाएं कितनी रोकी जा सकीं।
बिलासपुर में होली कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रही, लेकिन सामने आए ये छोटे-छोटे मामले एक संकेत जरूर देते हैं —
कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बावजूद कहीं-न-कहीं सिस्टम को और चौकस होने की जरूरत है।















