ज्ञान से चेतना तक, संवाद से संगीत तक—एक दिन, एक मंच
बिलासपुर। क्या हम सच में जानते हैं कि हमें जीवन में चाहिए क्या—या अब तक सिर्फ़ मानते चले आए हैं?
शिक्षा, पद, पैसा और सुविधाएँ बढ़ने के बावजूद मनुष्य भीतर से अशांत क्यों है? परिवार क्यों टूट रहे हैं, और रिश्तों में खालीपन क्यों बढ़ता जा रहा है?
इन ज्वलंत सवालों पर ठहरकर सोचने और समाधान खोजने का सुनहरा अवसर रविवार, 01 फरवरी 2026 को बिलासपुरवासियों को मिलने जा रहा है, जब शहर साक्षी बनेगा ज्ञान और संस्कृति के भव्य संगम का।
उपदेश नहीं, दोतरफा संवाद—यही है ‘जीवन विद्या’
सुबह से शाम तक आयोजित एक दिवसीय “जीवन विद्या वर्कशॉप” में जीवन से जुड़े Fundamental Questions पर कोरे प्रवचन नहीं, बल्कि जीवंत संवाद के माध्यम से सार्थक और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए जाएंगे।
यह वर्कशॉप मध्यस्थ दर्शन सह अस्तित्ववाद (Co-Existential Education) पर आधारित है, जो मानव चेतना विकास, मूल्य शिक्षा और परिवार-मूलक स्वराज्य व्यवस्था की वैज्ञानिक व शोधपरक समझ प्रदान करती है।
वर्कशॉप में उठेंगे जीवन के मूल सवाल—
- क्या शिक्षा केवल कमाई का साधन है या निरंतर प्रसन्नता भी सिखा सकती है?
- Good Parenting क्या है और कैसे संभव है?
- क्या जीवन संघर्ष ही है, या सुख-समृद्धि के साथ जीने की विधि भी है?
- सुविधाओं के बावजूद भीतर का खालीपन क्यों?
- विवाह करें या न करें—और क्यों?
- समर्पण के बाद भी रिश्तों में तनाव क्यों?
- शिकायत-मुक्त परिवार और स्वस्थ धरती कैसे संभव है?
- मानव जीवन का वास्तविक लक्ष्य क्या है?
प्रबोधक
अजय दायमा भैया
(मानव चेतना विकास केन्द्र – MCVK, इंदौर, म.प्र.)
जो देशभर में चेतना-आधारित शिक्षा और पारिवारिक समरसता के लिए जाना-पहचाना नाम हैं।
कार्यक्रम विवरण
- दिनांक: रविवार, 01 फरवरी 2026
- समय: सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक
- स्थान: स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति ऑडिटोरियम,
कम्पनी गार्डन के पास, बिलासपुर (छ.ग.)
✅ रजिस्ट्रेशन एवं वर्कशॉप पूर्णतः निःशुल्क
🍽️ प्रतिभागियों हेतु नाश्ता एवं भोजन की व्यवस्था
📝 रजिस्ट्रेशन हेतु भरा हुआ फॉर्म 25 जनवरी 2026 तक
📲 व्हाट्सएप 7011736722 पर भेजना अनिवार्य
☎️ जानकारी: 9406037627, 9300914500
शाम को सुरों का उत्सव—एवरग्रीन गायन संध्या
इसी दिन शाम 7 बजे से,
छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक कला संगम समिति के बैनर तले
“एवरग्रीन गायन कार्यक्रम” का भव्य आयोजन होगा।
सदाबहार गीतों की मधुर प्रस्तुतियाँ श्रोताओं को भावनात्मक, सांस्कृतिक और आत्मिक आनंद से सराबोर करेंगी।
जीवन विद्या परिवार, बिलासपुर की अपील—
परिवार सहित इस दुर्लभ आयोजन का हिस्सा बनें—
जहाँ दिन में जीवन के सवालों के जवाब मिलेंगे
और शाम को सुरों की सौगात।
जिंदगी को समझने का अवसर और संस्कृति का उत्सव—एक ही दिन, एक ही मंच पर।















