बिलासपुर: स्कूलों में लंबे समय से नदारद रहे 25 शिक्षक… लापरवाह DEO एवं BEO पर भी होनी चाहिए कड़ी कार्यवाही…

बिलासपुर: स्कूलों में लंबे समय से अनुपस्थित 5 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, जिला शिक्षा कार्यालय से इतर नियोक्ता वाले 11 शिक्षकों के विरूद्ध सेवा समाप्ति की अनुशंसा की गई है। नौ शिक्षकों के विरूद्ध विभागीय जांच भी की जायेगी। कलेक्टर  अवनीश शरण के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बर्खास्तगी के आदेश जारी किए है। वहीं, अन्य नियोक्ता वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अनुशंसा की गई है। गौरतलब है कि राज्य शासन ने अपने कर्तव्य से अनुपस्थित सरकारी कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए है। आदेश पर अमल करते हुए अकेले शिक्षा विभाग में लंबे समय से अनुपस्थित 25 शिक्षक और कर्मचारियों की पहचान की गई और तत्परतापूर्वक उनके विरूद्ध कार्रवाई की गई। उक्त लेख जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के आधार पर लिखा गया है।

यहाँ तक तो ठीक है पर इस मामले में नदारद 25 शिक्षकों के साथ उन जिला शिक्षा अधिकारियों एवं ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों पर भी कार्यवाही की जानी चाहिए थी जो नदारद 25 शिक्षकों पर सही ढंग से निगरानी नहीं रख पाए. अगर रखते तो शायद ये नौबत नहीं आती. 

आपको बता दें कि शासकीय विभागों के जिला प्रमुख अपने अपने विभाग की लेटेस्ट रिपोर्ट समय समय पर अपने उच्चाधिकारियों को देते रहते हैं. बावजूद इसके 25 शिक्षक नदारद रहे और जिला शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को कानों कान खबर का न होना इनकी योग्यता पर प्रश्न चिह्न खड़ा करता है. इसलिए जबसे 25 शिक्षक नदारद रहे उस दिन से आज दिनांक तक जितने भी DEO और BEO रहे सभी से पूछा जाए और उनपर कड़ा एक्शन लिया जाना चाहिए.

बर्खास्त किए गए शिक्षक एवं कर्मचारी 

 डीईओ कार्यालय द्वारा बर्खास्त किए गए शिक्षकों एवं कर्मचारियों में श्रीमती मनोरमा तिवारी प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला रिसदा, श्रीमती किरण यादव, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला सफेद खदान, बसंत कुमार लकड़ा, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला ओखर एवं सुश्री मेघा यादव, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला परसापानी एवं स्टेनली मार्क एक्का भृत्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला तिफरा शामिल है।

सेवा समाप्ति की अनुशंसा

 डीईओ कार्यालय के अलावा अन्य नियोक्ता वाले 11 शिक्षकों की सेवा समाप्ति की अनुशंसा की गई है। इनमें जिनकी कार्रवाई डीपीआई स्तर से कार्रवाई होनी है, उनमें श्रीमती अल्का महतो, व्याख्याता शासकीय हाई स्कूल फरहदा एवं हरीराम पटेल, व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भटचौरा शामिल हैं। संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग को भेजे गये नामों में श्रीमती रेणुका राय, शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मटियारी एवं  दिव्यनारायण रात्रे शिक्षक एलबी शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला जुनवानी शामिल हैं। इसी प्रकार जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों को भेजे गये नामों में श्रीमती शारदा सिंह, व्याख्याता, शासकीय हाई स्कूल मोढ़े, बत्तीलाल मीना, शिक्षक पंचायत, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बिल्लीबंद, श्रीमती नलिनी अग्रवाल, शिक्षक पंचायत, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दर्रीघाट, अंकिता सिंह, सहायक शिक्षक पंचायत, शासकीय प्राथमिक शाला सेंदरी, श्रीमती रितु लोधी, सहायक शिक्षक पंचायत, शासकीय प्राथमिक शाला फोकटपारा बिल्हा, कृष्ण शरण तिवारी, सहायक शिक्षक पंचायत, शासकीय प्राथमिक शाला गोदईया, श्रीमती प्रेमलता पाण्डेय, सहायक शिक्षक पंचायत, शासकीय प्राथमिक शाला सोनसाय नवागांव कोटा एवं  राकेश पाण्डेय, सहायक शिक्षक पंचायत, शासकीय प्राथमिक शाला मनवा शामिल है।

विभागीय जांच

जिन नौ शिक्षकों के विरूद्ध विभागीय जांच की गई है, उनमें डीईओ कार्यालय से संबद्ध  यशवंत कुमार साहू सहायक शिक्षक एलबी प्राथमिक स्कूल डण्डासागर कोटा,  मदनलाल श्यामले सहायक शिक्षक एलबी प्राथमिक शाला कुआंजति, शशिकांत यादव भृत्य माध्यमिक शाला सीस विकासखण्ड कोटा,  राकेश मिश्रा सहायक शिक्षक एलबी प्राथमिक शाला बेलसरा एवं अमन गिरी भृत्य पूर्व माध्यमिक शाला लावर शामिल हैं। इसी प्रकार विभागीय जांच के लिए जिनकी अनुशंसा की गई है उनके डीपीआई नियोक्ता से जुड़े शिव कुमार व्याख्याता एलबी हाई स्कूल बछालीखुर्द कोटा, संयुक्त संचालक नियोक्ता से संबद्ध  श्याम सुंदर तिवारी शिक्षक एलबी पूर्व माध्यमिक शाला सीपत, मस्तुरी, श्रीमती केकती कौशिक शिक्षक एलबी पूर्व माध्यमिक शाला महमंद तथा जनपद बिल्हा की स्थापना के अंतर्गत अंकिता सिंह सहायक शिक्षक पंचायत प्राथमिक शाला सेंदरी शामिल है।

  • Related Posts

    बिलासपुर में 120 दिन से जंग जारी: “लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन” बना आम आदमी के हक और सम्मान की आवाज

    बिलासपुर: लिंगियाडीह में पिछले 120 दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब सिर्फ एक स्थानीय विरोध नहीं, बल्कि अपने आशियाने, अधिकार और अस्तित्व को बचाने की ऐतिहासिक लड़ाई बन चुका है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के इस क्षेत्र में सैकड़ों परिवार बीते चार महीनों से सड़क पर डटे हुए हैं। ये लोग किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत नहीं, बल्कि अपने घर-आंगन और जीवन भर की मेहनत से बनाए आशियाने को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।  “ये सिर्फ घर नहीं, हमारी पूरी जिंदगी है” आंदोलन में…

    Continue reading
    बिलासपुर में दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा फैसला: मई में होगा भव्य “दिव्यांग महोत्सव”, राष्ट्रीय स्तर पर गूंजेगा संदेश

    बिलासपुर: अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद् की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक प्रदीप हेल्थ केयर प्रा. लि., तेलीपारा बिलासपुर स्थित कार्यालय में संपन्न हुई, जिसमें दिव्यांगजनों के लिए चल रहे सेवा कार्यों के विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर निर्णायक रणनीति तैयार की गई। बैठक शाम 6:50 बजे प्रारंभ हुई, जिसमें परिषद् के प्रमुख पदाधिकारियों ने अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें और अधिक प्रभावी व व्यापक बनाने पर जोर दिया। इस दौरान आगामी मई माह में आयोजित होने वाले “दिव्यांग महोत्सव” को लेकर विशेष रूप से विस्तृत…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *