बिलासपुर: ACB के रडार में आ चुके जिला शिक्षा अधिकारी टीआर साहू के साथ BEO पर भी होना चाहिए कड़ा एक्शन

अवनीश शरण के निरीक्षण में DEO और BEO की भी खुली पोल 

कलेक्टर अवनीश शरण ने स्वामी आत्मानंद स्कूल के शिक्षकों को निलंबित करने का दिया निर्देश, निरीक्षण में मिली लापरवाही

बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने मस्तुरी ब्लॉक के जयराम नगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल की प्राचार्या समेत 5 शिक्षकों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इन शिक्षकों पर स्कूल से अनधिकृत रूप से गायब रहने और अन्य अनियमितताओं का आरोप है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि एक शिक्षक ने सोमवार की भी उपस्थिति पहले से ही दर्ज कर दी थी। इसके साथ ही, मध्याह्न भोजन में मेनू का पालन भी नहीं किया जा रहा था।

जिन शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की अनुशंसा की गई है, उनमें प्राचार्या श्रीमती एम. मोइत्रा, व्याख्याता एलबी मनोज कुमार तिवारी, एलबी उषा महानंद, एलबी प्रदीप कुमार राठौर और संकुल समन्वयक गणेश राम मिरी शामिल हैं। निलंबन के प्रस्ताव डीपीआई और संयुक्त संचालक शिक्षा को भेजे जा रहे हैं। कलेक्टर शरण ने मस्तुरी ब्लॉक में सरकारी योजनाओं के फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति का भी निरीक्षण किया।

राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण का निरीक्षण

कलेक्टर शरण ने बिलासपुर से उरगा राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के कार्य का निरीक्षण किया, जिसमें ढेका से मुड़पार तक निर्माण की स्थिति देखी। ढेका के पास भू-अर्जन संबंधी मामले में दो साल से लंबित मुद्दों पर एसडीएम बिलासपुर को निर्देश दिए कि जल्द समाधान किया जाए। कलेक्टर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए और निर्माण में आ रही रुकावटों को प्राथमिकता से दूर करने को कहा।

स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा

कलेक्टर शरण ने जयराम नगर और मस्तुरी में स्वास्थ्य व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। जयराम नगर पीएचसी में भवन के नवीनीकरण कार्य के लिए आरइएस विभाग को 2.5 लाख रुपये दिए गए हैं। कलेक्टर ने अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ के लिए बने 6 फ्लैट्स के उपयोग में न होने पर जांच के आदेश दिए। इसके अलावा, मस्तुरी सामुदायिक अस्पताल का निरीक्षण कर नए भवन में अस्पताल को शिफ्ट करने के निर्देश दिए।

इस लेख को पढ़ने के बाद ये समझ में आ रहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी और इस एरिया के BEO भी अपने क्षेत्र का ठीक ढंग से  निरिक्षण नहीं करते हैं. अगर करते तो शायद जो कार्रवाई आज कलेक्टर के द्वारा किया गया है  वो पहले ही हो जाती या फिर आज सब ठीक-ठाक रहता. 

आपको बता दें कि कलेक्टर हर सोमवार को TL बैठक कर जिले के सारे विभागों की समीक्षा करते हैं. बैठक में हर विभाग के अधिकारी अपनी रिपोर्ट सौंपते हैं. इसका मतलब DEO साहू भी अपने विभाग की अच्छी रिपोर्ट सौंपी होगी. उसके बाद भी कलेक्टर निरिक्षण में स्वामी आत्मानंद स्कूल की गड़बड़ी का सामने आना DEO और BEO को सवालों के घेरे में लाता है. ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्यवाही की जानी चाहिए, तभी हालात सुधरने की उम्मीद की जा सकती है. 

 

  • Related Posts

    डीएनए बनेगा न्याय का हथियार: बिलासपुर रेंज में बड़ा कदम

     डीएनए की ताकत बनाम जांच की कमजोर कड़ी सबूत थे… फिर भी छूट गए आरोपी! अब बदलेगी जांच की तस्वीर” डीएनए बनेगा न्याय का हथियार: बिलासपुर रेंज में बड़ा कदम तकनीकी गलती से बच रहे थे अपराधी, अब पुलिस होगी अपग्रेड अब नहीं बचेंगे अपराधी: फॉरेंसिक ट्रेनिंग से बदलेगा जांच का खेल बिलासपुर रेंज में आयोजित यह कार्यशाला सिर्फ एक औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि पुलिस विवेचना की सबसे कमजोर कड़ी को मजबूत करने की गंभीर पहल है। आज के दौर में अपराध की जांच केवल…

    Continue reading
    बिलासपुर में स्मार्ट सिटी के साइन बोर्ड कबाड़ में—जिंदा संसाधन, मरी हुई जवाबदेही

    बिलासपुर को “स्मार्ट सिटी” बनाने का सपना कागज़ पर नहीं, सड़कों पर दिखना चाहिए। लेकिन नगर निगम के जोन कार्यालय क्रमांक 5 परिसर की तस्वीरें कुछ और ही कहानी कहती हैं—पब्लिक की सुविधा के लिए लगाए गए साइन बोर्ड, कबाड़ के पास पड़े हुए। यहां एक बात साफ कर देना जरूरी है— ये बोर्ड टूटे-फूटे या बेकार नहीं हैं। वे अच्छी स्थिति में, पढ़ने योग्य और तुरंत उपयोग के काबिल हैं। यहीं से सवाल और तीखा हो जाता है— जब संसाधन जिंदा हैं, तो व्यवस्था क्यों…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *