वतन के वास्ते जीना, वतन के वास्ते मरना” का भव्य विमोचन: राष्ट्रभक्ति की गूंज से गूंजा बिलासपुर, वीर रस की कविताओं ने बांधा समां

बिलासपुर। ए.बी.के.एम.एस. फाउंडेशन के 5वें स्थापना दिवस पर होटल ग्रांड अर्जुन, तिफरा में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत साझा काव्य संकलन “वतन के वास्ते जीना, वतन के वास्ते मरना” का गरिमामय विमोचन हुआ। साहित्य, न्याय, शिक्षा और समाज जीवन की प्रतिष्ठित हस्तियों की मौजूदगी में आयोजित यह समारोह देशभक्ति, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और साहित्यिक चेतना का अद्भुत संगम बन गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राजभाषा आयोग के अध्यक्ष एवं थावे विश्वविद्यालय, बिहार के कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि यह संकलन केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्र, राष्ट्रीयता, मातृभूमि और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति समर्पित भावनाओं का जीवंत दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि ऐसी कृतियां नई पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति चन्द्र भूषण वाजपेयी ने कहा कि देशप्रेम और राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत यह पुस्तक युवाओं के भीतर राष्ट्र के प्रति समर्पण और गौरव की भावना को और अधिक प्रबल करेगी।

विशिष्ट अतिथि पूर्व आई.एस.एस. अधिकारी एवं वरिष्ठ समीक्षक डॉ. रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि पुस्तक का शीर्षक ही इसकी आत्मा को व्यक्त करता है। इसमें भारतीय राष्ट्रीयता, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और देशभक्ति का सुंदर समन्वय दिखाई देता है, जो पाठकों को राष्ट्र के प्रति नए दृष्टिकोण से सोचने के लिए प्रेरित करेगा।

भाजपा नेत्री एवं समाजसेविका श्रीमती स्मृति वैष्णव जैन ने पुस्तक में शामिल सभी रचनाकारों को बधाई देते हुए कहा कि यह संकलन विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत सिद्ध होगा। महर्षि महाविद्यालय के कुलपति श्री नरेश तिवारी तथा शासकीय जे.पी. वर्मा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.के. निराला ने भी पुस्तक की उपयोगिता और राष्ट्र निर्माण में साहित्य की भूमिका पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का शुभारंभ संपादक डॉ. प्रीति प्रसाद द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुआ। इसके बाद साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कवियों का सम्मान किया गया। समारोह का आकर्षण काव्य गोष्ठी रही, जिसमें वीर रस, ओज और राष्ट्रभक्ति से भरपूर कविताओं ने पूरे सभागार को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। हर प्रस्तुति पर श्रोताओं ने जोरदार तालियों से कवियों का उत्साहवर्धन किया।

मंच संचालन डॉ. किरण राठौर ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि भूपेंद्र श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत श्रीमती आरती अंबष्ट ने किया। पुस्तक का संयुक्त संपादन डॉ. प्रीति प्रसाद एवं भूपेंद्र श्रीवास्तव ने किया है।

इस अवसर पर प्रयास प्रकाशन की ओर से डॉ. प्रीति प्रसाद का विशेष सम्मान भी किया गया। सम्मान करने वालों में डॉ. राघवेंद्र दूबे, विष्णु कुमार तिवारी, गजेन्द्र तिवारी और शत्रुघ्न जैसवानी प्रमुख रहे।

समारोह में डॉ. मकरध्वज श्रीवास्तव, डॉ. शिवशरण श्रीवास्तव, अशोक शर्मा, दीपक दूबे, विनय पाठक सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, बुद्धिजीवी और श्रोतागण उपस्थित रहे।

यह आयोजन केवल एक पुस्तक विमोचन नहीं, बल्कि साहित्य के माध्यम से राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त अभियान बनकर सामने आया।

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

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