मछलियों की रखवाली के लिए बिछाया मौत का करंट, फंस गया 8 फीट का मगरमच्छ… वन विभाग ने 48 घंटे में दबोचे दो शिकारी

रतनपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम पचरा में अनुसूची-1 के मगरमच्छ की करंट लगाकर हत्या, 100 मीटर से अधिक बिजली का तार जब्त; दो आरोपी जेल भेजे गए

बिलासपुर। रतनपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम पचरा में मछलियों को बचाने के नाम पर एक मगरमच्छ की निर्ममता से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तालाब में मछली पालन कर रहे दो सगे भाइयों ने मगरमच्छ को रास्ते से हटाने के लिए तालाब के चारों ओर बिजली का करंट दौड़ा दिया। करंट की चपेट में आने से करीब 2.55 मीटर (लगभग 8.4 फीट) लंबा और 10-12 वर्ष आयु का नर मगरमच्छ मौके पर ही मर गया।

ग्रामीणों की सूचना पर 14 जुलाई को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पानी में तैर रहे मृत मगरमच्छ को बाहर निकाला। कानन पेंडारी के पशु चिकित्सक डॉ. पी.के. चंदन द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में मगरमच्छ की मौत का कारण विद्युत करंट पाया गया।

जांच में खुलासा हुआ कि ग्राम पचरा निवासी केवल दास मानिकपुरी और कंवल दास मानिकपुरी तालाब में मछली पालन करते हैं। मगरमच्छ द्वारा मछलियां खाए जाने से नाराज होकर दोनों ने तालाब के किनारे लकड़ी की खूंटियां गाड़कर 100 मीटर से अधिक लंबा विद्युत तार बिछाया था। इसी करंट की चपेट में आने से मगरमच्छ की मौत हो गई।

वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

यह पूरा मामला मुख्य वन संरक्षक, बिलासपुर वृत्त, वनमण्डलाधिकारी बिलासपुर एवं उप वनमण्डलाधिकारी बिलासपुर के मार्गदर्शन में उजागर हुआ। रतनपुर परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना का खुलासा किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्य जीव को नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है। यदि किसी रिहायशी क्षेत्र में वन्य जीव दिखाई दे तो उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

 खास बात: मगरमच्छ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल संरक्षित वन्य जीव है। इसकी हत्या या शिकार करने पर कठोर कानूनी कार्रवाई और जेल की सजा का प्रावधान है।

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

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