बिलासपुर। देशभक्ति की भावना को शब्दों में पिरोने वाली साझा काव्य कृति “वतन के वास्ते जीना, वतन के वास्ते मरना” का भव्य विमोचन 18 जुलाई को बिलासपुर में होने जा रहा है। एबीकेएमएस फाउंडेशन के पांचवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस साहित्यिक आयोजन में साहित्य, शिक्षा, न्याय और समाजसेवा जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां एक मंच पर नजर आएंगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. वीरेंद्र कुमार सारस्वत, कुलपति, पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय होंगे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. विनय कुमार पाठक (पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विश्वविद्यालय), पूर्व न्यायमूर्ति डॉ. चंद्रभूषण वाजपेयी, पूर्व आईएसएस अधिकारी एवं समीक्षक डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव, भाजपा नेत्री एवं समाजसेविका स्मृति जैन तथा डॉ. एस.के. निराला, प्राचार्य शासकीय जे.पी. वर्मा महाविद्यालय शामिल होंगे।
देशभक्ति पर आधारित इस साझा संकलन का संयुक्त संपादन डॉ. प्रीती प्रसाद और भूपेंद्र श्रीवास्तव ने किया है। आयोजकों का कहना है कि यह पुस्तक केवल साहित्यिक रचना नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण और भारतीय अस्मिता का सशक्त दस्तावेज है।
कार्यक्रम को और अधिक यादगार बनाने के लिए विराट कवि सम्मेलन और संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की भावना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
यह आयोजन बिलासपुर के साहित्यिक और सांस्कृतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, जहां शब्दों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।















