रायपुर, 27 जनवरी 2026। कृषि उपज मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता और शासकीय राजस्व की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। नगरी कृषि उपज मंडी क्षेत्र के ग्राम घुटकेल स्थित थोक धान व्यापारी ‘शिवम ट्रेडर्स’ में ई-मंडी प्रणाली से जुड़ा गंभीर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। जांच में 5,656 क्विंटल धान के अवैध परिवहन और दस्तावेजों में कूट रचना के प्रमाण मिलने पर प्रशासन ने फर्म को सीलबंद कर दिया है तथा संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी, नगरी के आदेश पर गठित चार सदस्यीय जांच दल ने 11 जनवरी 2026 को मौके पर निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया था। जांच प्रतिवेदन 14 जनवरी 2026 को प्रस्तुत किया गया, जिसमें ई-मंडी/एग्री पोर्टल से जारी अनुज्ञा पत्रों, स्टॉक पंजी (बी-1) और बोराई मंडी चेक पोस्ट के आवक-जावक अभिलेखों का गहन मिलान किया गया।
PDF में छेड़छाड़, बिना वैध अनुज्ञा के धान परिवहन
जांच में सामने आया कि फर्म द्वारा ई-मंडी पोर्टल से जारी अनुज्ञा पत्रों की तुलना में स्टॉक पंजी में धान की जावक मात्रा अधिक दर्शाई गई। कई मामलों में पीडीएफ दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर धान की मात्रा बढ़ाई गई, बिना वैध ई-मंडी अनुज्ञा पत्र के परिवहन किया गया और चेक पोस्ट पर संशोधित दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
47 अनुज्ञा पत्रों में कूट रचना, ₹2.48 लाख कर अपवंचन की आशंका
जांच दल के अनुसार कुल 47 अनुज्ञा पत्रों में कूट रचना कर लगभग 5,656 क्विंटल धान का अवैध परिवहन किया गया। इससे छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 के तहत मंडी शुल्क, कृषक कल्याण शुल्क और निराश्रित शुल्क सहित करीब ₹2.48 लाख के कर अपवंचन की संभावना पाई गई है।
इन गंभीर अनियमितताओं के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नगरी के निर्देश पर शिवम ट्रेडर्स को मौके पर सीलबंद किया गया। इसके बाद फर्म संचालक संतोष खंडेलवाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 339 एवं 340 के तहत थाना बोराई में FIR दर्ज की गई है।
प्रशासन का सख़्त संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता, किसानों के हितों की रक्षा और शासकीय राजस्व का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। ई-मंडी प्रणाली से छेड़छाड़, कर अपवंचन और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर आगे भी सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। मंडी क्षेत्रों में सघन निरीक्षण अभियान लगातार चलाया जाएगा।















