रायपुर: खनिज विभाग की रिकॉर्ड कमाई: 2024-25 में लक्ष्य पार, 2025-26 में दिसंबर तक 10,345 करोड़ का राजस्व

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में खनिज साधन विभाग के कार्यों एवं गतिविधियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में आगामी कार्ययोजना, खनिज अन्वेषण, खनिज ब्लॉक नीलामी, जिला खनिज न्यास (DMF), तकनीकी नवाचार तथा विभागीय पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने विभागीय प्रगति की सराहना करते हुए टिन पोर्टल के माध्यम से समय पर और नियमित भुगतान व्यवस्था की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और हितग्राहियों का विश्वास मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कोरंडम उत्खनन के माध्यम से स्थानीय लोगों को कटिंग एवं पॉलिशिंग जैसे कार्यों से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन क्षेत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को विश्वास में लेकर परियोजनाओं के लाभों का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाए तथा तय समय-सीमा में खनन कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने DMF से विकास कार्यों की स्वीकृति नियमानुसार शीघ्र कराने के निर्देश भी दिए, ताकि बुनियादी सुविधाओं का त्वरित विकास हो सके।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से “खनिज ऑनलाइन 2.0” प्रणाली विकसित की गई है। खनिज ब्लॉक नीलामी से पहले लैंड शेड्यूलिंग तथा बंद और उपेक्षित खदानों के निस्तारण के लिए SOP भी तैयार की गई है। वित्तीय जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 14,592 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ है, जबकि 2025-26 में 17 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध दिसंबर तक 10,345 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

बैठक में यह भी बताया गया कि टिन कलेक्शन मॉडल से जुड़े परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने इसे आजीविका संवर्धन का सफल मॉडल बताते हुए इसे और अधिक बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव सह खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, संचालक रजत बंसल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

    Related Posts

    वेतन रोकना समाधान नहीं, व्यवस्था सुधारना असली चुनौती

    छत्तीसगढ़ के लोक शिक्षण संचालनालय ने गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर मूल पदस्थापना स्थल पर लौटने और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि आदेश का पालन नहीं करने वालों का जुलाई माह का वेतन रोक दिया जाएगा। पहली नजर में यह निर्णय प्रशासनिक अनुशासन स्थापित करने की दिशा में एक कठोर लेकिन आवश्यक कदम प्रतीत होता है। सरकारी व्यवस्था में संलग्नीकरण (अटैचमेंट) हमेशा से विवाद का विषय रहा है। कई कर्मचारी वर्षों तक मूल पदस्थापना छोड़कर अन्य…

    Continue reading
    2003 से लंबित बैकलॉग पर बड़ा सवाल: अजाक्स ने सरकार से कहा— पहले सही गणना, फिर तत्काल भर्ती और पदोन्नति

    नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के बैकलॉग पदों को भरने के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष भर्ती अभियान शुरू किए जाने के फैसले का छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति/जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) ने स्वागत किया है। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि केवल भर्ती अभियान पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि वर्ष 2003 से अब तक लंबित सभी बैकलॉग पदों की पारदर्शी और विभागवार गणना कराकर वास्तविक रिक्तियों का खुलासा किया जाना चाहिए। सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव एस.के.…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *