वेतन प्रक्रिया के नाम पर 10 प्रतिशत की कथित मांग! बिल्हा बीईओ कार्यालय पर गंभीर सवाल, शिक्षकों में आक्रोश
नहीं देने पर फाइल आगे नहीं बढ़ने का आरोप, परेशान शिक्षकों ने सूत्रों के जरिए खोली कथित व्यवस्था की परतें
बिलासपुर/बिल्हा। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिल्हा में पदस्थ एक बाबू पर शिक्षकों के वेतन संबंधी प्रकरणों की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर कथित तौर पर 10 प्रतिशत राशि की मांग किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कार्यालय में पदस्थ बाबू अशोक क्षत्री पर आरोप है कि कुछ शिक्षकों से उनके वेतन प्रकरणों को आगे बढ़ाने और प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर कथित रूप से प्रतिशत की मांग की जाती है।
सूत्रों का दावा है कि मांग पूरी नहीं होने पर संबंधित प्रकरण या फाइल को आगे बढ़ाने में देरी की जाती है, जिससे शिक्षक लंबे समय तक परेशान रहते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।
मामले को लेकर जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक से बात की गई तो उन्होंने शुरुआत में ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया। बाद में उन्होंने मामले को दिखवाने और जांच कराने की बात कही।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शिक्षकों के वेतन संबंधी प्रकरणों में वास्तव में किसी प्रकार की कथित प्रतिशत व्यवस्था चल रही है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा? क्या बीईओ कार्यालय मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा? क्या पीड़ित शिक्षकों के बयान लिए जाएंगे? और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
शिक्षकों के वेतन जैसे संवेदनशील मामले में कथित वसूली के आरोप ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। अब सभी की नजर बीईओ की प्रस्तावित जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
बड़ा सवाल
क्या बिल्हा बीईओ कार्यालय में वेतन प्रकरणों के लिए कथित तौर पर “10 प्रतिशत” की कोई व्यवस्था चल रही है? यदि नहीं, तो शिकायतों और आरोपों की निष्पक्ष जांच कब होगी?
नोट: समाचार में लगाए गए आरोप सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष भी शामिल किया गया है। मामले की स्वतंत्र जांच/पुष्टि के बाद तथ्य बदल सकते हैं।







