MIC की मंजूरी के 20 दिन बाद भी कक्ष आवंटन अटका
MIC से पास कक्ष पर रोक तो आयुक्त के खिलाफ बजेगा आंदोलन का बिगुल! छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ ने प्रकाश कुमार सर्वे को मीडिया के जरिए दी खुली चेतावनी
बिलासपुर। राघवेंद्र राव सभा भवन में छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ को कक्ष आवंटित करने का प्रस्ताव 24 जुलाई 2026 को नगर निगम की MIC बैठक में विधिवत पारित होने के बावजूद करीब 20 दिन बाद भी आवंटन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से निगम प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
महासंघ का कहना है कि MIC द्वारा प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद भी कक्ष आवंटन का आदेश जारी नहीं किया जाना समझ से परे है। इस मामले में अब केवल देरी ही नहीं, बल्कि कक्ष आवंटन पर उठाई गई कथित आपत्ति की वैधता को लेकर भी सवाल सामने आ गए हैं।
‘आपत्ति पत्र ही विधिवत नहीं, फिर कक्ष आवंटन क्यों रोका?’
महासंघ के अनुसार प्रेस क्लब सचिव संदीप करिहार ने निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे से स्पष्ट रूप से चर्चा करते हुए कहा है कि कक्ष आवंटन नहीं किए जाने को लेकर जो आपत्ति पत्र सामने आया है, उसमें सचिव के हस्ताक्षर नहीं हैं और वह विधिवत रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया है। ऐसे में उसकी वैधता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
महासंघ का कहना है कि यदि किसी पत्र या आपत्ति के आधार पर MIC से पारित प्रस्ताव की कार्यवाही रोका जाना MIC सदस्यों का अपमान है।
मंत्री अरुण साव के सामने भी उठा मामला
मामले को लेकर महासंघ के पदाधिकारियों ने मंत्री अरुण साव से भी चर्चा की। महासंघ के अनुसार जब पदाधिकारियों ने निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे के कथित रवैये की जानकारी मंत्री को दी तो उन्होंने कहा कि उन्होंने कक्ष आवंटन के लिए मना नहीं किया है और इस संबंध में बात करने की बात कही।
अब महासंघ का सवाल है कि जब शासन स्तर से कक्ष आवंटन को लेकर रोक लगाए जाने की बात नहीं कही गई है और MIC भी प्रस्ताव पारित कर चुका है, तो फिर निगम स्तर पर प्रक्रिया आखिर किस कारण से अटकी हुई है?
महासंघ ने उठाए सीधे सवाल
महासंघ ने निगम प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगा है—
24 जुलाई की MIC बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद फाइल किस स्तर पर लंबित है?
यदि पत्र में सचिव के हस्ताक्षर नहीं हैं तो उसे आधिकारिक आपत्ति के रूप में किस आधार पर स्वीकार किया गया?
MIC के निर्णय के बावजूद कक्ष आवंटन आदेश जारी करने में देरी क्यों हो रही है?
15 दिन की मोहलत, फिर होगा आंदोलन
छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय मिश्रा और महासचिव पंकज खण्डेलवाल ने कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति विशेष की कृपा का नहीं, बल्कि MIC द्वारा पारित निर्णय के क्रियान्वयन का है। पत्रकार संगठन को कक्ष आवंटन के मामले में लगातार टालमटोल स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर कक्ष आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर आदेश जारी नहीं किया गया तो महासंघ निगम आयुक्त के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेगा। आवश्यकता पड़ने पर मामले को मुख्यमंत्री और केंद्र शासन स्तर पर भी उठाया जाएगा।
महासंघ की मांग साफ है—MIC के निर्णय के अनुरूप कक्ष आवंटन की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए।







