बिलासपुर: राम सिंह की पुरानी फाइलें खंगाल रही पुलिस, एक दर्जन से ज्यादा मामलों का रिकॉर्ड रडार पर; सोहेल के केस भी जांच के घेरे में

जेल पहुंचने के बाद भी खत्म नहीं हुई मुश्किलें! थानेवार खुल रही पुरानी केस डायरी, लंबित विवेचना और कानूनी कार्रवाई की पुलिस कर रही पड़ताल

बिलासपुर… खपरगंज गोल बाजार में 28 अगस्त की रात दो गुटों के बीच हुए संघर्ष के मामले में राम सिंह और सोहेल के जेल जाने के बाद अब बिलासपुर पुलिस ने दोनों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। खास तौर पर राम सिंह के खिलाफ शहर और ग्रामीण क्षेत्र के अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राम सिंह के खिलाफ मारपीट समेत गंभीर धाराओं में एक दर्जन से अधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें सरकंडा, सिविल लाइन, तोरवा, सीपत समेत अन्य थानों के मामले शामिल बताए जा रहे हैं।

खपरगंज का विवाद बढ़ने से पहले ही पुलिस ने जिस तरह रात में कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में लिया, उससे मामला बड़े टकराव में बदलने से रोक दिया गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। बाद में पुलिस ने सोहेल को रायपुर से और राम सिंह को मध्यप्रदेश के पन्ना से गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। सोहेल को बिलासपुर केंद्रीय जेल भेजा गया, जबकि राम सिंह को न्यायालय के आदेश के बाद अंबिकापुर जेल भेजा गया।

अब पुलिस की नजर केवल खपरगंज प्रकरण तक सीमित नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, राम सिंह और सोहेल के पुराने मामलों की थानावार जानकारी जुटाकर उनकी पूरी आपराधिक पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है। बताया जा रहा है कि राम सिंह के खिलाफ दर्ज कुछ मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं, जबकि कुछ प्रकरणों में अब तक चालान पेश नहीं होने की जानकारी भी पुलिस के सामने आई है। ऐसे मामलों की वर्तमान स्थिति भी खंगाली जा रही है।

अलग-अलग मामलों में, गिरफ्तारी के रास्ते

पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुराने मामलों की विवेचना और रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद जिन प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई बाकी है, उनमें कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। यानी खपरगंज प्रकरण में जेल जाने के बाद भी राम सिंह की मुश्किलें खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। पुराने मामलों में साक्ष्य और विवेचना की स्थिति के आधार पर अलग-अलग कार्रवाई और गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

सोहेल के खिलाफ भी शहर के अलग-अलग थानों में आधा दर्जन से अधिक प्रकरणों की जानकारी पुलिस जुटा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि पुराने मामलों में अब तक क्या कार्रवाई हुई, किन प्रकरणों की विवेचना लंबित है और किन मामलों में आगे कानूनी कदम उठाया जाना बाकी है।

अपराधियों को किसने दिया संरक्षण, पड़ताल जारी

इस पूरी कवायद में पुलिस की नजर इस बात पर भी है कि जिन लोगों के खिलाफ लगातार आपराधिक मामले दर्ज होते रहे, वे लंबे समय तक पुलिस कार्रवाई से कैसे बचते रहे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुराने मामलों में आरोपियों को किसी स्तर पर संरक्षण या सहयोग मिला था या नहीं, इसकी जानकारी भी जुटाई जा सकती है। हालांकि इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल कोई स्पष्ट आरोप या नाम सामने नहीं रखा है।

पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने इस मामले में किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ कार्रवाई को लेकर खुलासा करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्रक्रिया के तहत ऐसे अपराधियों की फाइलें तैयार की जाती हैं, जो समय-समय पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। उन्होंने माना कि राम सिंह से जुड़े पुराने प्रकरणों की जानकारी जुटाई जा रही है और यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोहेल और राम सिंह से जुड़े मामलों की विवेचना चल रही है, इसलिए अभी यह बताना संभव नहीं है कि किन प्रकरणों में कौन-सी धाराओं के तहत आगे कार्रवाई होगी। विवेचना पूरी होने के बाद जो कानूनी कदम आवश्यक होगा, वह उठाया जाएगा। पुलिस कप्तान के मुताबिक, कोई भी अपराधी समाज के बीच रहकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम नहीं दे सकता और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी समेत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का फोकस पुराने मामलों पर

28 अगस्त की घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जहां संघर्ष को व्यापक रूप लेने से पहले नियंत्रित कर लिया गया, वहीं अब पुराने आपराधिक मामलों की फाइलें खोलना इस कार्रवाई का अगला चरण माना जा रहा है। राम सिंह और सोहेल दोनों फिलहाल जेल में हैं, लेकिन पुलिस की जांच का दायरा अब खपरगंज की घटना से आगे बढ़कर उनके पुराने रिकॉर्ड तक पहुंच गया है।

यदि पुराने मामलों में लंबित विवेचना, साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया कार्रवाई योग्य पाई जाती है, तो आने वाले दिनों में दोनों के खिलाफ अलग-अलग प्रकरणों में नई कार्रवाई सामने आ सकती है। खासकर राम सिंह के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर पुलिस की पड़ताल अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है।

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

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