महिला आरक्षण पर चर्चा, पर महिलाएं नदारद—प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ दो सदस्य
बिलासपुर | महिला आरक्षण को लेकर देशभर में चल रही सियासत के बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बड़ा बयान देते हुए भाजपा पर सीधा हमला बोला है। प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर महिला आरक्षण के नाम पर देश में भ्रम फैला रही है, जबकि कांग्रेस शुरू से ही इसके समर्थन में रही है।
“महिला आरक्षण नहीं, असली खेल परिसीमन का” — कांग्रेस
देर से शुरू हुई बिलासपुर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने साफ कहा कि भाजपा महिला आरक्षण का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, जबकि असल में वह परिसीमन (Delimitation) के जरिए राजनीतिक लाभ साधना चाहती है।
कांग्रेस का दावा:
- महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) पहले ही संसद से पास हो चुका है
- राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन चुका है
- इसके बावजूद भाजपा इसे लागू करने में देरी कर रही है
परिसीमन पर उठाए बड़े सवाल
कांग्रेस ने भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा:
- 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन क्यों?
- जब 2026-27 में नई जनगणना होनी है, तो पुराने आंकड़ों पर निर्णय क्यों?
- यदि सरकार चाहे तो बिना परिसीमन के भी मौजूदा सीटों में 33% महिला आरक्षण लागू किया जा सकता है
कांग्रेस ने इसे “राजनीतिक चाल” बताते हुए कहा कि भाजपा असल मुद्दे से ध्यान भटका रही है।
इतिहास का हवाला देकर कांग्रेस का दावा
30 मिनट लेट शुरू हुई प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने खुद को महिला आरक्षण का असली समर्थक बताते हुए कहा:
- राजीव गांधी के समय पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल
- पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार में 73वें-74वें संशोधन के जरिए महिलाओं को भागीदारी
- डॉ. मनमोहन सिंह सरकार के दौरान राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पारित
कांग्रेस का कहना है कि आज देश में लाखों महिला जनप्रतिनिधि कांग्रेस की नीतियों की वजह से हैं।
भाजपा पर सीधा आरोप
कांग्रेस ने कहा कि:
– भाजपा महिला आरक्षण की नहीं, बल्कि सीटों के परिसीमन की राजनीति कर रही है
– जनता के बीच गलत जानकारी फैलाई जा रही है
– असली मुद्दों से ध्यान हटाया जा रहा है















