जांजगीर में एसीबी का डबल अटैक: एक ही दिन में 43 हजार की रिश्वत लेते 4 अधिकारी-कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार

बिलासपुर/जांजगीर, 20 मार्च 2026।भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एसीबी (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) बिलासपुर ने जांजगीर जिले में आज एक के बाद एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई कर सनसनी फैला दी। दो अलग-अलग मामलों में कुल 43 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए 4 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।

 पहली कार्रवाई: नगर पंचायत नवागढ़ का लेखापाल गिरफ्तार

एसीबी टीम ने नवागढ़ नगर पंचायत के लेखापाल प्रकाश जायसवाल को 8,000 रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
यह रिश्वत करीब 2,03,000 रुपए के बिल का चेक जारी करने के एवज में मांगी गई थी।

डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह के अनुसार, नवागढ़ निवासी अब्दुल वहाब ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उससे 16,000 रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है, जिसमें वह 6,000 रुपए पहले ही दे चुका था। सत्यापन के बाद आरोपी 10,000 की जगह 8,000 रुपए लेने पर राजी हुआ।

योजना के तहत प्रार्थी को रकम देने भेजा गया, जहां आरोपी ने रिश्वत लेकर अपनी कार में रखी। तभी सेमरा गांव के पास शाह क्रशर के नजदीक पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे धर दबोचा। मौके से पूरी राशि बरामद कर ली गई।

 दूसरी कार्रवाई: CSPDCL के 3 अधिकारी 35 हजार रिश्वत लेते पकड़े गए

दूसरी बड़ी कार्रवाई में CSPDCL जांजगीर के

  • सहायक अभियंता विजय नोर्गे
  • उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला
  • सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर

को कुल 35,000 रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।

शिकायतकर्ता प्रदीप यादव ने बताया कि वह ग्राम खोखसा में फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट स्थापित करना चाहता था। इसके लिए ट्रांसफार्मर और मीटर लगाने के एवज में 35,000 रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी—जिसमें 10,000 रुपए उप अभियंता और 25,000 रुपए अन्य दो अधिकारियों के लिए तय किए गए थे।

एसीबी ने योजना बनाकर प्रार्थी को रकम देने भेजा। जैसे ही पैसे सौंपे गए, पहले से घेराबंदी कर रही टीम ने तीनों को मौके पर ही पकड़ लिया और पूरी रकम बरामद कर ली।

 कानूनी कार्रवाई

दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ

  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7
  • तथा दूसरे केस में धारा 7 और 12
    के तहत कार्रवाई की जा रही है।

 एसीबी की अपील

एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत इसकी सूचना दें, ताकि ऐसे भ्रष्ट तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।

 बड़ा संदेश

एक ही दिन में दो बड़ी ट्रैप कार्रवाई कर एसीबी ने साफ संकेत दे दिया है कि
“अब रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं—सीधा ट्रैप और गिरफ्तारी तय है।”

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