प्रयागराज। थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) का एक दिवसीय विशेष अधिवेशन विगत 20 फरवरी को संगम नगरी प्रयागराज में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस भव्य अधिवेशन में नगर के सुप्रसिद्ध कवि एवं समीक्षक सत्येन्द्र कुमार तिवारी को ‘विद्या वाचस्पति’ (मानद उपाधि) से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान तथा गंभीर शोध कार्य के लिए प्रदान किया गया। उनके शोध प्रबंध का विषय था —
“द्विवेदी युग के प्रतिनिधि कवि सरयू प्रसाद त्रिपाठी ‘मधुकर’: व्यक्तित्व एवं अवदान”।
इस शोध में उन्होंने द्विवेदी युगीन काव्यधारा, भाषा-शैली, सामाजिक चेतना और साहित्यिक प्रभाव का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया है।
अधिवेशन में विद्यापीठ के कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक, कुलाधिपति महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद महाराज, प्रति कुलपति डॉ. जंग बहादुर पांडेय तथा कुलसचिव डॉ. पी. एस. दयाल यति की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी गणमान्य अतिथियों ने सत्येन्द्र तिवारी के शोध कार्य की सराहना करते हुए इसे हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
सम्मान प्राप्ति के बाद साहित्यिक एवं सामाजिक संगठनों में हर्ष का वातावरण है। नगर के साहित्यप्रेमियों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया है।
यह उपलब्धि न केवल सत्येन्द्र तिवारी की व्यक्तिगत साधना का परिणाम है, बल्कि हिंदी साहित्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण का भी प्रमाण है।















