तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी पी. दाशरथी समेत तीन शासकीय सेवकों पर शिकायत, अपात्र अभ्यर्थी को लाभ पहुंचाने का आरोप
बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक आयोग, रायपुर में बहुचर्चित “दसरथी प्रकरण” को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विविध प्रकरण क्रमांक 445/2024 में शिकायतकर्ता द्वारा तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी पी. दाशरथी सहित तीन शासकीय सेवकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। मामले में आरोप लगाया गया है कि अनुकंपा नियुक्ति नियमों की अनदेखी करते हुए अपात्र अभ्यर्थी को पात्र बनाकर शासन को नुकसान पहुंचाया गया।
प्रकरण में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी पी. दाशरथी, जिला शिक्षा अधिकारी एस.के. प्रसाद तथा सहायक ग्रेड-3 श्रीमती श्वेता सिंह को प्रतिपक्षी बनाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2017 में सहायक ग्रेड-3 पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया और कथित रूप से लेन-देन कर अपात्र अभ्यर्थी को लाभ पहुंचाया गया।
शिकायतकर्ता ने लोक आयोग के समक्ष प्रस्तुत आवेदन में उल्लेख किया है कि अनुकंपा नियुक्ति नियमों एवं संशोधन आदेशों के अनुसार यदि मृतक शासकीय सेवक के परिवार का कोई सदस्य पहले से शासकीय सेवा में हो तो परिवार के अन्य सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं मिल सकता। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी कर नियुक्ति देने का आरोप लगाया गया है।
लोक आयोग द्वारा 24 अप्रैल 2026 को पारित आदेश में शिकायत के तथ्यों पर संज्ञान लेते हुए प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले ने शिक्षा विभाग में हलचल बढ़ा दी है और अब पूरे घटनाक्रम पर नजरें टिक गई हैं।















