बिलासपुर : अंधेरे में डूबे कंपोजिट बिल्डिंग के सरकारी दफ्तर, पसीने में जनता… आखिर बदहाल व्यवस्था का जिम्मेदार कौन?

बिलासपुर: भीषण गर्मी… तापमान आसमान पर… और सरकारी दफ्तरों में घंटों गुल होती बिजली। नतीजा — कर्मचारी परेशान, अधिकारी बेहाल और सबसे ज्यादा पीस रही आम जनता।

सरकारी कार्यालयों में इन दिनों हालात ऐसे हैं मानो व्यवस्था नहीं, “सहनशक्ति की परीक्षा” चल रही हो। कहीं पंखे बंद पड़े हैं, कहीं कंप्यूटर ठप हैं, तो कहीं जरूरी फाइलें अंधेरे में धूल खा रही हैं। जनता अपनी समस्याएं लेकर दफ्तर पहुंचती है, लेकिन जवाब मिलता है — “लाइट नहीं है, सिस्टम बंद है… बाद में आइए।”

सवाल ये है कि जब निजी कंपनियां बैकअप, इन्वर्टर और जनरेटर की मजबूत व्यवस्था रख सकती हैं, तो करोड़ों के बजट वाले सरकारी विभाग आखिर क्यों हर गर्मी में हाथ खड़े कर देते हैं?

यह केवल बिजली जाने का मामला नहीं है, बल्कि प्रशासनिक तैयारी की पोल खुलने का मामला है।
गर्मी हर साल पड़ती है… बिजली की मांग हर साल बढ़ती है… फिर भी विभाग हर बार “अचानक संकट” का बहाना क्यों बनाते हैं?

सरकारी दफ्तरों में कामकाज अब पूरी तरह डिजिटल हो चुका है। बिजली गई तो काम ठप। प्रमाण पत्र रुके, भुगतान अटके, ऑनलाइन सेवाएं बंद। सबसे ज्यादा दिक्कत उस गरीब और ग्रामीण व्यक्ति को होती है, जो किराया खर्च करके दफ्तर पहुंचता है और फिर खाली हाथ लौट जाता है।

विडंबना देखिए — एक तरफ सरकार “डिजिटल इंडिया” और “स्मार्ट प्रशासन” की बात करती है, दूसरी तरफ सरकारी कार्यालयों में बिजली जाते ही पूरा सिस्टम “मैनुअल मजबूरी” में बदल जाता है।

इस हालात ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है —
क्या सरकारी विभाग केवल मौसम के भरोसे चलेंगे?
क्या जनता को हर गर्मी में इसी अव्यवस्था की सजा मिलती रहेगी?

जरूरत केवल बयानबाजी की नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की है।
हर सरकारी कार्यालय में पर्याप्त पावर बैकअप, सोलर सिस्टम और तकनीकी तैयारी अनिवार्य की जानी चाहिए। वरना “जनसेवा” के दावे केवल पोस्टरों तक सीमित रह जाएंगे।

क्योंकि सच यही है —
जब सरकारी दफ्तर अंधेरे में डूबते हैं, तब सबसे पहले जनता का भरोसा बुझता है।

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

    Related Posts

    सवाल जो अभी बाकी हैं— 6 मौतें कैसे हुईं? 4 वृद्धावस्था से तो 2 किस कारण से? क्या 300 पशुओं के लिए गौधाम पूरी तरह सुरक्षित था? और क्या जलभराव ने परिस्थितियों को प्रभावित किया?

    ओखर गौधाम में 6 पशुओं की मौत: जांच में उठे कई सवाल, अब जरूरी है मौतों से पहले और बाद की पूरी पड़ताल बिलासपुर, 27 अगस्त 2026। मस्तूरी विकासखंड के ग्राम ओखर स्थित गौधाम में पिछले तीन दिनों के भीतर 6 पशुओं की मृत्यु का मामला प्रशासनिक जांच के बाद सामने आया है। पशु चिकित्सा विभाग ने अपनी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार 4 पशुओं की मृत्यु वृद्धावस्था तथा 2 पशुओं की मृत्यु अन्य कारणों से हुई है। साथ ही गौधाम…

    Continue reading
    बिलासपुर संभाग में ग्रामीण विकास योजनाओं को रफ्तार देने के निर्देश, 5,500 करोड़ के बजट पर सचिव भीम सिंह की बड़ी समीक्षा

    विकसित भारत-जी राम जी, पीएम आवास और मनरेगा के कामों में तेजी लाने के निर्देश; अधूरे आवास प्राथमिकता से पूरे करने पर जोर बिलासपुर, 24 अगस्त 2026। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने बिलासपुर संभाग में ग्रामीण विकास की प्रमुख योजनाओं की प्रगति पर कड़ा फोकस किया है। संभाग आयुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में संभाग के सभी जिला पंचायत सीईओ और जनपद पंचायत सीईओ से योजनावार प्रगति की जानकारी ली गई और लंबित कार्यों को तेजी से…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *