बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मृत शिक्षाकर्मियों के आश्रितों को बड़ी राहत देते हुए शासन को आदेश दिया है कि वे 13 सितंबर 2021 के निर्णय के तहत समिति की बैठक कर याचिकाकर्ताओं को उनकी योग्यता के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति दें।
यह मामला उन याचिकाकर्ताओं से जुड़ा है जिनके पति या पिता प्रदेश के विभिन्न जिलों में शिक्षाकर्मी के पद पर कार्यरत थे और उनकी सेवा काल के दौरान निधन हो गया। याचिकाकर्ताओं ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, लेकिन विभाग ने उन्हें बीएड, डीएड डिग्री व शिक्षक पात्रता परीक्षा के अभाव में आवेदन निरस्त कर दिया था।
इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें यह तर्क दिया गया कि वे चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्य करने के लिए तैयार हैं। कोर्ट ने सभी याचिकाओं को क्लब कर सुनवाई की और कहा कि याचिकाकर्ताओं के दावों पर इस आधार पर विचार नहीं किया गया कि उनके पास अपेक्षित योग्यता नहीं है।
कोर्ट ने 13 सितंबर 2021 की समिति को निर्णय लेकर दो माह के भीतर याचिकाओं का निस्तारण करने और याचिकाकर्ताओं को उनकी योग्यतानुसार अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्देश दिया है।
बिलासपुर।छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरती पर एक बार फिर संगीत, कला और प्रतिभा का विराट संगम होने जा रहा है। न्यूज़ हब इनसाइट केयर फाउंडेशन (NHICF) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की संगीत प्रतियोगिता “नाद मंजरी सीजन-3” का भव्य चार दिवसीय आयोजन 26 से 29 जून तक कृषि महाविद्यालय ऑडिटोरियम, बिलासपुर में किया जाएगा। देशभर से आए 550 से अधिक कलाकार विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर मंच को सुर, ताल और लय के अद्भुत रंगों से सराबोर करेंगे। आयोजकों के अनुसार, नाद मंजरी अब केवल…
बिलासपुर। छठी मईया के जयघोष, अमृत वर्षा और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच रविवार की रात छठ घाट परिसर सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक ऊर्जा का केंद्र बन गया। पाटलिपुत्र सांस्कृतिक विकास मंच की नवगठित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में समाज, संस्कृति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने नवगठित टीम को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाते हुए कहा कि “संस्कृति समाज को जोड़ने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। जो समाज अपनी सांस्कृतिक जड़ों से…