बिलासपुर: तीन दिवसीय राष्ट्रीय रंग संगम नाट्य महोत्सव-2024 के पोस्टर का विमोचन बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के हाथों हुआ, देश एवं प्रदेश के कलाकार दिखाएंगे अपने हुनर का जलवा

बिलासपुर: न्यायधानी में संचालित शहर की प्रतिष्ठित नाट्य संस्था संगम नाट्य समिति बिलासपुर द्वारा 3 दिवसीय राष्ट्रीय रंग संगम नाट्य महोत्सव का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। यह आयोजन 1 मार्च से 3 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। जिसमें प्रतिदिन अलग-अलग नाट्य प्रस्तुतियां की जाएगीं। इस नाट्य महोत्सव की तैयारी संस्था के सदस्यों द्वारा शुरू कर दी गयी है। उसी तारतम्य में आज बहतराई स्टेडियम में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला द्वारा कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक रजनीश सिंह, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र वर्मा, न्यूज़ हब इनसाइट केयर फाउंडेशन के डायरेक्टर पंकज खंडेलवाल सहित संस्था के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।

नाट्य महोत्सव के निर्देशक शैलेन्द्र कुशवाहा द्वारा बताया गया कि संगम थिएटर द्वारा यह आयोजन शहर में प्रस्तावित है, जिसमें 3 दिन अलग-अलग नाट्य प्रस्तुतियां दिखाई जाएगी। यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। इस कार्यक्रम की सफलता हेतु विजय एडवरटाइजिंग, न्यूज़ हब इनसाइट (NHI), न्यूज़ हब इनसाइट केयर फाउंडेशन (NHICF) और कैरियर पॉइंट वर्ल्ड स्कूल द्वारा सहयोग किया जा रहा है। नाट्य प्रस्तुति में प्रथम दिन संगम के कलाकारों द्वारा नाटक कौमुदी महोत्सव का मंचन किया जाएगा, दूसरे दिन गोदना संस्था राजनांदगांव द्वारा नाटक जानी चोर का मंचन होगा और तीसरे दिन रंग त्रिवेणी संस्था भोपाल द्वारा नाटक शबरी का मंचन किया जाएगा। इस प्रकार 3 दिन अलग-अलग नाट्य प्रस्तुतियां होगीं। इसके अलावा कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व रंग से की जाएगी। जिसमें प्रथम दिन गुदुम बाजा की सांगीतिक प्रस्तुति, दूसरे दिन छत्तीसगढ़ी नृत्य एवं संगीत और तीसरे दिन दुलदुल घोड़ी नृत्य का मंचन किया जाएगा। इस प्रकार कार्यक्रम शाम 6 बजे शुरू होगा।

शैलेन्द्र कुशवाहा से मिली जानकारी के अनुसार, नाट्य महोत्सव में शामिल होने देश और प्रदेश से रंगकर्मी, साहित्यकार, कला समीक्षक, नाट्य निर्देशक शहर में आएंगे। जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ बिहार, मध्यप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र से कलाकार आ रहे हैं। शहर में यह आयोजन एक मिसाल बन सके इसकी परिकल्पना को साकार करने के लिए नाट्य महोत्सव में ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़े। जिससे कार्यक्रम की शोभा बढ़े और बिलासपुर में रंगकर्म को बढ़ावा मिल सके।

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