बेंगलुरु आश्रम में गूंजा छत्तीसगढ़ का सुर, बाल कलाकार तनिष्क वर्मा ने बिखेरा जादू
बिलासपुर/बेंगलुरु। छत्तीसगढ़ की प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपना परचम लहराया है। Art of Living International Ashram, बंगलुरु (कर्नाटक) में आयोजित भव्य आध्यात्मिक आयोजन में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर की गरिमामयी उपस्थिति के बीच छत्तीसगढ़ के बाल कलाकार तनिष्क वर्मा ने अपने भजनों से लाखों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
आश्रम का विशाल परिसर जहां तक नजर जाए, श्रद्धालुओं की भीड़ से भरा हुआ था—और इसी विराट मंच पर तनिष्क की मधुर आवाज ने ऐसा समां बांधा कि हर कोई भाव-विभोर हो उठा। भक्ति और संगीत के इस संगम ने उपस्थित जनसमूह को एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव दिया।
कार्यक्रम के दौरान श्री श्री रविशंकर ने तनिष्क से आत्मीयता से मुलाकात की, उनके गायन की सराहना की और स्नेहपूर्वक अपना अमूल्य पेन भेंट कर आशीर्वाद दिया—जो तनिष्क के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।
गौरतलब है कि तनिष्क वर्मा पहले भी छत्तीसगढ़ रत्न से सम्मानित हो चुके हैं और उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन मांझी द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।
इतना ही नहीं, तनिष्क ने राजधानी दिल्ली, महाकुंभ मेला प्रयागराज और लिंगराज मंदिर भुवनेश्वर (उड़ीसा) जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों पर अपनी प्रस्तुतियों से छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है।
आज तनिष्क वर्मा सिर्फ एक बाल कलाकार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की उभरती पहचान बन चुके हैं—जिनकी आवाज अब देश-विदेश में गूंज रही है।















