राष्ट्रीय अधिवेशन में बाल प्रतिभा का जलवा, गीतों से जीता लोगों का दिल; छत्तीसगढ़ का बढ़ाया मान
बिलासपुर/देहरादून। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी 11 वर्षीय बाल गायक तनिष्क वर्मा ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में अपनी गायन प्रतिभा से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उनकी शानदार संगीतमय प्रस्तुति से प्रभावित होकर उन्हें ‘उत्तराखंड गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि से बिलासपुर सहित छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को देहरादून में स्मॉल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार छाबड़ा द्वारा फेडरेशन के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड गौरव सम्मान अवॉर्ड समारोह भी आयोजित हुआ, जिसमें देशभर के अतिथियों, पत्रकारों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए बिलासपुर के बाल गायक तनिष्क वर्मा को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। तनिष्क ने ‘मैं हूं शिवाय’, ‘पहली पहली बार’ और ‘ऐ मेरे प्यारे वतन’ जैसे गीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उनकी गायकी पर श्रोताओं ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया।
पिता संजय वर्मा से मिली जानकारी के अनुसार, तनिष्क की प्रस्तुति से प्रभावित होकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनकी प्रतिभा की सराहना की। बाल्यावस्था में गायन के प्रति उनकी रुचि और मंच पर प्रस्तुति ने उन्हें समारोह के आकर्षण का केंद्र बनाया। इस अवसर पर उन्हें ‘उत्तराखंड गौरव सम्मान’ प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, तनिष्क को इससे पहले प्रयागराज महाकुंभ मेला, भुवनेश्वर स्थित विश्वसिद्ध लिंगराज मंदिर, बैंगलुरु के आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर तथा ओडिशा के पुरी में अपनी गायन प्रस्तुतियां देने का अवसर मिल चुका है।
राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में सम्मान प्राप्त करना तनिष्क वर्मा की संगीत यात्रा की एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उनकी सफलता बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बड़े मंचों पर अवसर उपलब्ध कराने के महत्व को भी रेखांकित करती है।







