महाकुंभ से लेकर लिंगराज मंदिर और आर्ट ऑफ लिविंग तक गूंज चुकी है तनिष्क वर्मा की आवाज़, अब देहरादून से भी मिला विशेष आमंत्रण
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले बिलासपुर के सुप्रसिद्ध बाल भजन गायक एवं ‘छत्तीसगढ़ रत्न’ सम्मान से अलंकृत तनिष्क वर्मा ने एक बार फिर अपनी मधुर गायकी से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
ओडिशा के विश्वप्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में आयोजित सम्मान समारोह एवं भजन संध्या में विशेष आमंत्रित कलाकार के रूप में पहुंचे तनिष्क वर्मा ने जब अपनी सुरमयी प्रस्तुति शुरू की तो पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया। उनके भजनों ने ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु झूमने लगे। कार्यक्रम के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने उनके साथ सेल्फी ली और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
तनिष्क वर्मा को इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए SMRUTIRA Charity Trust, Puri के संस्थापक रविकांत मिश्रा एवं रजनीकांत मिश्रा द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
इस अवसर पर उन्हें राज्यसभा सांसद शुभाशीष खुटिया, विभिन्न प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक हस्तियों एवं अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में उनकी प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना की गई और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उन्हें बधाई दी गई।
देश के प्रतिष्ठित मंचों पर पहले भी बिखेर चुके हैं सुरों का जादू
कम उम्र में ही तनिष्क वर्मा कई राष्ट्रीय मंचों पर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। इससे पहले वे महाकुंभ प्रयागराज, विश्व प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर (भुवनेश्वर) तथा आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर (बेंगलुरु) जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर भजन प्रस्तुति देकर लाखों श्रद्धालुओं का दिल जीत चुके हैं। उनकी लगातार मिल रही सफलताएं यह साबित करती हैं कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।
अब देहरादून से मिला विशेष निमंत्रण
तनिष्क वर्मा की उपलब्धियों की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है। आगामी 27 सितंबर को उन्हें देहरादून (उत्तराखंड) में आयोजित एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुगम संगीत, देशभक्ति गीत एवं भजन प्रस्तुति के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
फिल्म अभिनेत्री मंदाकिनी भी कर चुकी हैं सम्मानित
तनिष्क वर्मा की प्रतिभा का सम्मान फिल्म जगत भी कर चुका है। एक भव्य फैशन शो के दौरान उन्हें हिंदी फिल्म अभिनेत्री मंदाकिनी के करकमलों से सम्मानित किया जा चुका है, जो उनके बढ़ते राष्ट्रीय कद का प्रमाण है।
बिलासपुर का बढ़ाया मान
आज तनिष्क वर्मा केवल एक बाल गायक नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की नई सांस्कृतिक पहचान बनकर उभर रहे हैं। उनकी हर प्रस्तुति प्रदेश की लोक-संस्कृति, भक्ति और संगीत परंपरा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा रही है। बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए यह गर्व का विषय है कि इतनी कम उम्र में एक बाल कलाकार अपनी प्रतिभा से देशभर में प्रदेश का नाम रोशन कर रहा है।







