बिलासपुर: जिला शिक्षा अधिकारी टीआर साहू और पी दासरथी की भूमिका संदिग्ध

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभाग में घोटालों का अंबार

राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में खेल सामग्री खरीदी संदेह के दायरे में!

बिलासपुर : आजकल छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग की खबर लिखते समय हम भी असमंजस में रहते हैं कि कौन कौन से घोटालों की बात की जाए, जिस योजना की बात करें, चारों तरफ घोटाला ही घोटाला नज़र आता है। इसी कड़ी में एक बार फिर बिलासपुर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में टेंट और खेल सामग्री खरीदी घोटाला सामने आया है।
आपको बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग को बिलासपुर में राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता 21 सितंबर से 24 सितंबर तक के आयोजन के लिए जिम्मेदारी दी गई थी। पूरे छत्तीसगढ़ से लगभग 1200 खिलाड़ियों ने भाग लिया था (बालक और बालिकाएं)। विभाग ने सारे आयोजन के लिए टेंट सामग्री और खेल सामग्री के लिए सीमित निविदा पद्धति के माध्यम से टेंडर किया। टेंट के साथ साउंड लाइट एवं खेल सामग्री में बेसबॉल, हॉकी के साथ अन्य सामग्रियों की खरीदी की प्रक्रिया की,जो घोटाले की जद में है।

हमेशा की तरह एक बार फिर जिला शिक्षा अधिकारी टी.आर. साहू और सहायक संचालक पी. दासरथी की भूमिका संदिग्ध!

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आपको बता दें की स्कूल शिक्षा विभाग इस वक्त मुख्यमंत्री के पास है, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अधिकारियों की मीटिंग में कड़े शब्दों में बोल चुके हैं कि अगर गड़बड़ी पाई गई तो सीधे बड़े अधिकारियों के ऊपर सख्त कार्यवाही की जाएगी, स्कूल शिक्षा विभाग में एक के बाद एक घोटाले पर मुख्यमंत्री क्या कार्यवाही करतें हैं ये आने वाला समय बताएगा।

इस पूरी टेंडर प्रक्रिया को news hub insight के संवाददाता ने बड़ी बारीकी से जांच पड़ताल की तो पता चला की पूरी टेंडर प्रक्रिया और क्रय समिति ही संदेह के दायरे में है। टेंडर प्रक्रिया में कम दर वाली फर्म को भी ऑर्डर नहीं दिया गया। खेल सामग्री खरीदी मामले में अपनी चहेती फर्म को लगता है नियम के विरुद्ध ऑर्डर किया गया है। क्रय समिति ने बकायदा तुलनात्मक अध्ययन चार्ट भी बनाया, लेकिन इसमें भी घालमेल की तैयारी की सूचना आ रही है।
तमाम मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि जिला शिक्षा अधिकारी टीकाराम साहू और सहायक संचालक पी. दासरथी घोटाले पर घोटाले कर रहे हैं, आने वाले समय में हम इनके घोटालों की भी बात बारीकी से करेंगे।
बहरहाल, बिलासपुर में हो रहे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लगातार घोटाले को लेकर कलेक्टर अवनीश शरण को गंभीर हो कर जांच बैठानी चाहिए जिससे आने वाले समय में खिलाड़ियों का भला हो सके और इनका कैरियर संवर सके।
आने वाले एपिसोड्स में हम आपको ये बताएंगे कि बिलासपुर शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी टेंडर के दस्तावेजों के साथ कैसे छेड़ छाड़ करते हैं।
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