बिलासपुर: छत्तीसगढ़ शासन को चूना लगाकर बिल्डरों को शासकीय भूमि से नियम विरुद्ध मार्ग उपलब्ध कराने वाले राजस्व अधिकारियों शशिभूषण सोनी एवं शेषनारायण जायसवाल के विरुद्ध होगी विभागीय जांच, कमिश्नर सुनील कुमार जैन ने कलेक्टर संजय अग्रवाल को सौंपी जांच की जिम्मेदारी

इस मामले को दबाने के लिए एक राजस्व अधिकारी ने एक धूर्त को दिया 5 लाख  — सूत्र

बिलासपुर। “न्यूज़ हब इनसाइट” हमेशा से प्रमाण आधारित पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। जनहित में हमारी निर्भीकता और निष्पक्षता ने पाठकों का विश्वास अर्जित किया है। हमारे द्वारा वर्ष  2024 में तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण को इस मामले में प्रमाण सहित लिखित शिकायत सौंपी गई थी, जिसमें तत्कालीन राजस्व अधिकारियों शशि भूषण सोनी और शेष नारायण जायसवाल पर शासकीय भूमि को कॉलोनाइज़र को देने का आरोप है। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर को निलंबन की अनुशंसा की और विभागीय जांच के आदेश दिए गए।

मामला 1: शेष नारायण जायसवाल – गायत्री कंस्ट्रक्शन को अवैध रास्ता

प्रकरण क्रमांक: 202102075000033
ग्राम: बिजौर
तत्कालीन अतिरिक्त तहसीलदार शेष नारायण जायसवाल ने शासकीय भूमि खसरा नंबर 8/1 (रकबा 11.1170 हेक्टेयर) में से 5120 वर्गफीट भूमि को गायत्री कंस्ट्रक्शन को कॉलोनी के रास्ते के रूप में उपयोग करने की अनुचित अनुमति दी।
इसके आधार पर 27.06.2022 को कॉलोनी की अनुमति मिल गई और शासन को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

मामला 2: शशि भूषण सोनी के विवादास्पद आदेश

ग्राम बहतराई

प्रकरण क्रमांक: 202310075300033
दिनांक: 6 नवंबर 2023
शशि भूषण सोनी ने श्रीराम सरिता बिल्डर्स को शासकीय भूमि (खसरा 294/1) में से 40 फीट चौड़ा रास्ता देने की अनुमति बिना विभागीय आपत्ति के दे दी। इसके बाद 3.91 एकड़ भूमि पर कॉलोनी निर्माण की अनुमति मिल गई।

ग्राम बिरकोना

प्रकरण क्रमांक: 202310075300018
दिनांक: 11 अक्टूबर 2023
राज कंस्ट्रक्शन को शासकीय भूमि खसरा नंबर 1331 से 30 फीट चौड़ा रास्ता निकालने की अनुमति दी गई, जबकि आवेदक ने गलत शपथ पत्र देकर बताया कि मुख्य मार्ग मुरुम रोड है, जबकि वह वास्तव में डामर रोड था। जांच बिना मंजूरी दे दी गई।

क्या कहते हैं नियम?

छत्तीसगढ़ शासन की अधिसूचना क्रमांक एफ – 7 -117 / सात – 1 / 2011, दिनांक 17.12.2011 के अनुसार, कॉलोनी और मुख्य मार्ग के बीच आने वाली शासकीय भूमि का आवंटन अंतर्विभागीय समिति की स्वीकृति और स्पष्ट गाइडलाइन के अनुसार ही किया जा सकता है। लेकिन उपरोक्त मामलों में यह प्रक्रिया पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दी गई।

यह मामला केवल एक प्रशासनिक गड़बड़ी नहीं, बल्कि न्याय और जनता के विश्वास के विरुद्ध विश्वासघात है। कमिश्नर कार्यालय ने जांच की ज़िम्मेदारी कलेक्टर को सौंप दी है। यदि दोष सिद्ध होता है, तो यह प्रकरण राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता की परीक्षा बन जाएगा।

(यह रिपोर्ट न्यूज़ हब इनसाइट के विशेष इन्वेस्टिगेटिव सेल द्वारा प्रमाणों के आधार पर तैयार की गई है।)

शिकायत पत्र 

शासकीय भूमि शिकायत 1 (3)

शे

शेष शेष ना

 

शेष नारा शेषनारायण

 

राज कंट्रक्शन बिरकोना (1) सरिता बिल्डर्स बहतराई (1)

 

  • Related Posts

    दिल्ली में गूंजेगी हिंदी की आवाज़: विश्व हिंदी परिषद का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 30-31 अक्टूबर को

    बिलासपुर। हिंदी को राष्ट्रभाषा के गौरवपूर्ण स्थान पर प्रतिष्ठित करने के संकल्प के साथ विश्व हिंदी परिषद ने एक बड़े राष्ट्रीय अभियान का आह्वान किया है। परिषद की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संगीता बनाफर ने जांजगीर-चांपा जिले के नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं क्षेत्र के साहित्यकारों को शुभकामनाएँ देते हुए हिंदी के वैश्विक विस्तार की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जांजगीर की साहित्यिक विरासत सदैव समृद्ध और प्रेरणादायी रही है। यहां के साहित्यकारों की शब्द-साधना केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के…

    Continue reading
    रामा वर्ल्ड में उतरा आध्यात्म का प्रकाश: जगद्गुरु श्रीरामभद्राचार्य के चरणों में उमड़ा बिलासपुर

    “जिस घर में श्रद्धा, सेवा और संस्कार हों, वहां स्वयं राम का वास होता है” — श्रीरामभद्राचार्य चरण-पादुका पूजन, भजन-कीर्तन और संत दर्शन से भक्तिमय हुआ एवमस्तु परिसर बिलासपुर। न्यायधानी बुधवार को उस समय पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गई, जब तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी श्रीरामभद्राचार्य का आगमन रामा वर्ल्ड स्थित समाजसेवी प्रवीण झा के निवास “एवमस्तु” में हुआ। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पवर्षा, श्रीराम स्तुति और भजन-कीर्तन के बीच पूरा परिसर भक्तिमय ऊर्जा से सराबोर नजर आया।…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *