छत्तीसगढ़ में पहली बार इंटरनेशनल डांस डे पर ‘चेतना महोत्सव’, बिलासपुर बनेगा संस्कृति का केंद्र

एक मंच… 14 कलाकार… और चेतना की ऐतिहासिक शुरुआत!

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक इतिहास में अंतरराष्ट्रीय डांस डे(29 अप्रैल) पर  एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। पहली बार अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर बिलासपुर के पुलिस लाइन स्थित चेतना हाल में न्यूज़ हब इनसाइट केयर फाउंडेशन (NHICF) द्वारा “चेतना नृत्य महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यशाला 2026” का भव्य आयोजन शाम 4 बजे से किया जा रहा है।

 

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यह आयोजन न केवल डांस डे का उत्सव है, बल्कि “Police & Family Cultural Awareness Initiative” के तहत समाज में कला और जागरूकता का अनूठा संगम भी प्रस्तुत करेगा।

महोत्सव में 14 प्रतिभाशाली डांस आर्टिस्ट अलग-अलग विधाओं—क्लासिकल, फ्यूजन, वेस्टर्न और लोक नृत्य—में अपनी दमदार प्रस्तुतियों से मंच को जीवंत करेंगे।

साथ ही, श्रवण बाधित छात्राओं की विशेष प्रस्तुति इस कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण होगी, जो यह साबित करेगी कि हुनर किसी भी बाधा का मोहताज नहीं होता।

इस ऐतिहासिक आयोजन की गरिमा बढ़ाने के लिए देश की प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी—

– स्पेशल गेस्ट: रजनेश सिंह(आईपीएस )
– डॉ. विनय कुमार पाठक 
न्यायमूर्ति डॉ. चन्द्रभूषण बाजपेयी 
-प्रोफेसर श्याम लाला निराला 
सुश्री वासंती वैष्णव (अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक नृत्यांगना)
पं. सुनील वैष्णव (प्रख्यात कथक गुरु)

इन सभी अतिथियों की उपस्थिति इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की गरिमा प्रदान करेगी।

NHICF का यह प्रयास उभरती प्रतिभाओं को मंच देने, युवाओं को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

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 यह महोत्सव बिलासपुर ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण बनने जा रहा है।

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