बिलासपुर/कोटा। करगी रोड स्थित कोटेश्वर महादेव की नगरी कोटा के प्रतिष्ठित साहित्यकार सतीश कुमार तिवारी के 75वें जन्मवर्ष के अवसर पर उनके बहुप्रतीक्षित काव्य संग्रह “यादों का सफर” का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और पारिवारिक आत्मीयता का अनूठा संगम बन गया, जिसमें प्रदेश के ख्यातिलब्ध साहित्यकारों, शिक्षाविदों और सामाजिक हस्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
काव्य संग्रह का विमोचन प्रसिद्ध राष्ट्रीय कवि, साहित्यकार, राज्य भाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक, वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त आईएसएस अधिकारी), वरिष्ठ कवि विष्णु तिवारी तथा प्राचार्य एवं साहित्यकार डॉ. सत्यनारायण तिवारी के करकमलों से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर शाल एवं श्रीफल भेंट कर अतिथियों का सम्मान किया गया। समारोह की विशेष बात यह रही कि सतीश कुमार तिवारी के 75वें जन्मदिवस तथा उनके प्रतिष्ठान ‘श्री राम सा मिल’ के 75 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव भी संयुक्त रूप से केक काटकर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उल्लेखनीय है कि सतीश कुमार तिवारी सेवानिवृत्त प्रोजेक्ट रेंज ऑफिसर होने के साथ किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष एवं पतंजलि योग समिति के प्रभारी भी हैं।
अपने उद्बोधन में डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि “यादों का सफर” केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि लेखक के जीवन संघर्ष, रिश्तों की संवेदनाओं, अनुभूतियों और आत्मिक यात्रा का जीवंत दस्तावेज है। यह कृति पाठकों को जीवन के विविध रंगों से रूबरू कराती है और लेखक के व्यक्तित्व का सशक्त प्रतिबिंब प्रस्तुत करती है। अन्य अतिथियों ने भी पुस्तक की साहित्यिक गरिमा और सतीश कुमार तिवारी के रचनात्मक योगदान की मुक्तकंठ से सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन शिवांशु तिवारी एवं श्रेयांश तिवारी ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि अंत में डॉ. सत्यनारायण तिवारी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। स्वरुचि भोज एवं मधुर संगीत के साथ समारोह का समापन हुआ।
समारोह में डॉ. गीतिका तिवारी, सरोज तिवारी, प्रगति तिवारी, स्वाति शशांक शुक्ला, योगेश, डॉ. श्रद्धा पांडे, अर्चना, मोहित जायसवाल, महाराज सिंह नायक, रंगनादम, विकास सिंह, अरुण त्रिवेदी, सरोज साहू, आदित्य दीक्षित, डॉ. राम, डॉ. सुधाकर बिबे, सी.एल. राठौर, डॉ. एस.एस. बाजपेई, सुलेश पांडे, घनश्याम गुप्ता, विकेंट अग्रवाल, सोमप्रभा नूर, प्रभा शर्मा, ज्योति श्रीवास, चंद्रप्रकाश साहू, वीरेंद्र दास, सुदामा चौहान, रामनारायण तिवारी, शिव प्रसाद मिश्रा, लल्लन महाराज, डॉ. निशांत, रावल सर, चारी सर, नारायण सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे।















