बिलासपुर: मदर्स डे पर “परिवर्तन एक आशा की किरण” और “न्यू जेनरेशन” द्वारा भव्य फैशन शो व सम्मान समारोह का आयोजन

बिलासपुर। “परिवर्तन एक आशा की किरण” और “न्यू जेनरेशन” के संयुक्त तत्वावधान में मदर्स डे के उपलक्ष्य में एक भव्य “मॉम्स एंड किड्स फैशन शो” एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इंटरनेशनल ग्लैम आइकॉनिक अवार्ड विजेता श्रीमती चुन्नी मौर्य और श्रीमती बीना ठक्कर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के दौरान “परिवर्तन एक आशा की किरण” संस्था की प्रथम वर्षगांठ भी केक काटकर हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। ऑनलाइन प्रतियोगिता के सभी विजेताओं को भी इस मौके पर सम्मानित किया गया।

फैशन शो के विजेता

  • प्रथम स्थान: स्नेहा सिंह कुशवाहा (भोपाल)
  • द्वितीय स्थान: दीपमाला अवस्थी
  • तृतीय स्थान: सिसली टेंभुरणे
  • सांत्वना पुरस्कार: चैताली रायचा (रायपुर), ममता अग्रवाल, कोमल मेवलानी, सीमा जीवनानी, अभिलाषा झा, और तरन्नुम खान

न्यू जेनरेशन द्वारा आयोजित लकी ड्रा में लक्ष्मी सोनी और सिसली टेंभुरणे विजेता रहीं।

भोपाल से आईं नन्हीं प्रतिभागी सनाया सिंह कुशवाहा ने योगासन प्रदर्शन कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की सफलता में संस्थापिकाएं किरण पाठक और प्रीति ठक्कर, न्यू जेनरेशन के मार्केटिंग हेड जय चंदानी, सीईओ विशाल मानकानी, असिस्टेंट सीईओ मुकेश पंजवानी और टीम मेंबर वसुधा शर्मा व रीटा मौर्य का विशेष योगदान रहा।

यह आयोजन मातृत्व, प्रतिभा और सामाजिक समर्पण का उत्सव बन गया, जिसमें महिलाओं और बच्चों ने आत्मविश्वास और रचनात्मकता की नई मिसाल पेश की।

  • Related Posts

    बिलासपुर: खारंग में गूंजा वेद मंत्रों का स्वर, 28 बटुकों का सामूहिक उपनयन… प्रतिभाओं का हुआ भव्य सम्मान

    बिलासपुर। परंपरा, संस्कार और प्रतिभा का अद्भुत संगम उस वक्त देखने को मिला जब सरयूपारिण विप्र खारंग संघ द्वारा ग्राम नगोई (बेमा) में दो दिवसीय सामूहिक व्रतबंध संस्कार, वार्षिक सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। 28 बटुकों के उपनयन संस्कार के साथ शुरू हुआ यह आयोजन पूरी तरह वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। शोभायात्रा ने बढ़ाई भव्यता, समाज ने दिखाई एकजुटता संस्कार के पश्चात खारंग परिक्षेत्र के विभिन्न गांवों…

    Continue reading
    महावीर : अहिंसा और चेतना का अंतर-सभ्यतागत नैतिक प्रतिमा

    ✍ डॉ. भूपेन्द्र धर दीवान, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ ( त्वचाविज्ञान आधारित बहु-बुद्धिमत्ता परीक्षण विशेषज्ञ एवं मानसिकमाप परामर्शदाता ) यह लेख महावीर के दार्शनिक चिंतन को एक अंतर-सभ्यतागत नैतिक प्रतिमान के रूप में विश्लेषित करता है। इसमें वैदिक, उपनिषदिक, ब्राह्मणीय, जैन तथा आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टियों के बीच एक समन्वित और समालोचनात्मक वैचारिक ढाँचा निर्मित किया गया है। लेख यह प्रतिपादित करता है कि अहिंसा, चेतना और अनेकांतवाद केवल आध्यात्मिक मुक्ति के साधन नहीं हैं, बल्कि वे आधुनिक युग के नैतिक, पर्यावरणीय और मनोवैज्ञानिक संकटों के समाधान हेतु एक…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *