साहित्य, संस्कृति और लोककला का संगम कल, पं. अमृतलाल दुबे जयंती पर छह विभूतियों का होगा सम्मान
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार एवं प्रथम ईसुरी पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय पंडित अमृतलाल दुबे की जयंती पर 1 अगस्त को संस्कार भवन, पुराना सरकंडा में साहित्य, संस्कृति और लोककला का भव्य संगम देखने को मिलेगा। सायं 4 बजे से आयोजित समारोह में पुस्तक विमोचन, सम्मान समारोह, लोकगीतों की प्रस्तुति, विचार गोष्ठी और काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
समारोह के मुख्य अतिथि आशुतोष चतुर्वेदी (सीईओ, बलरामपुर) होंगे, जबकि अध्यक्षता डॉ. विनय कुमार पाठक, पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति डॉ. चन्द्रभूषण वाजपेयी, डॉ. अभिलाषा बेहार, डॉ. श्याम लाल निराला तथा संजय शर्मा उपस्थित रहेंगे।
समारोह में साहित्य, शिक्षा और लोकसंस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. श्याम लाल निराला, सनत तिवारी, अनामिका शर्मा ‘शशि’ (रायपुर), राम निहोरा राजपूत, मनोहर दास मानिकपुरी तथा 80 वर्षीय लोक कलाकार एवं चिकारा वादक झड़ी राम साहू का विशेष सम्मान किया जाएगा। विशेष रूप से झड़ी राम साहू का सम्मान छत्तीसगढ़ की विलुप्तप्राय लोकवाद्य परंपरा के संरक्षण में उनके दीर्घ योगदान के लिए किया जाएगा।
कार्यक्रम में लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां भी होंगी, वहीं विचार गोष्ठी और काव्य गोष्ठी के माध्यम से पंडित अमृतलाल दुबे के साहित्यिक अवदान और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा की जाएगी।
आयोजकों ने साहित्यकारों, कलाकारों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।







